असम की राजनीति में चुनावी गर्मी के बीच नया विवाद सामने आया है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। लोकसभा सांसद Gaurav Gogoi ने मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे अपने ऊपर लगे आरोपों को Bhagavad Gita पर हाथ रखकर नकारें। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं और मामला तेजी से राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है।
क्या हैं आरोप? विदेशी संपत्ति और पासपोर्ट पर सवाल
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कई विदेशी पासपोर्ट हैं और विदेशों में संपत्ति व कारोबार से जुड़े हित हैं। Pawan Khera और गौरव गोगोई ने सवाल उठाए कि क्या दुबई में संपत्ति है, क्या विदेशी कंपनियों से संबंध हैं और क्या इन संपत्तियों का खुलासा चुनावी हलफनामे में किया गया है। गोगोई ने साफ कहा कि यदि कुछ छिपाया गया है, तो यह कानूनी तौर पर गंभीर मामला बन सकता है।
सरमा का जवाब: ‘झूठे आरोप, विदेशी साजिश का हिस्सा’
इन आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि यह सब चुनाव को प्रभावित करने की साजिश है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने जो दस्तावेज पेश किए हैं, वे एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप से लिए गए हैं और उनमें फोटो तक मॉर्फ की गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी ने इन आरोपों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
गीता पर शपथ का चैलेंज, राजनीति में नया मोड़
गौरव गोगोई ने इस विवाद को और आगे बढ़ाते हुए कहा कि वे खुद गीता पर शपथ लेकर कह सकते हैं कि उनके पास कोई विदेशी संपत्ति नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी यही करने की चुनौती दी और कहा कि यदि छिपाने जैसा कुछ नहीं है, तो जांच का स्वागत किया जाना चाहिए। यह बयान राजनीतिक बहस को भावनात्मक और प्रतीकात्मक स्तर तक ले जाता है, जहां मुद्दा केवल तथ्यों का नहीं, बल्कि विश्वास और विश्वसनीयता का भी बन गया है।
आगे क्या? जांच और राजनीति दोनों पर नजर
कांग्रेस ने यह भी कहा है कि अगर वह सत्ता में आती है, तो इस मामले की जांच कराई जाएगी और अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई होगी। वहीं, भाजपा इसे चुनावी साजिश बताकर खारिज कर रही है। अब यह देखना अहम होगा कि यह मामला केवल बयानबाजी तक सीमित रहता है या किसी आधिकारिक जांच की दिशा में आगे बढ़ता है।



