पश्चिम बंगाल में नई सरकार के साथ केंद्र की बड़ी पहल: अटकी योजनाओं पर तेजी का ऐलान

पश्चिम बंगाल में नई सरकार के साथ केंद्र की बड़ी पहल: अटकी योजनाओं पर तेजी का ऐलान

कल शनिवार को पश्चिम बंगाल में नई सरकार का गठन होने जा रहा है। ठीक इसी समय केंद्र सरकार ने राज्य में पिछले कई सालों से अटकी पड़ी केंद्रीय योजनाओं और परियोजनाओं को गति देने की तैयारी तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट बैठक में बंगाल को विकसित बनाने पर जोर दिए जाने के बाद अब हर मंत्रालय स्तर पर काम शुरू हो गया है।

यह खबर उन लाखों बंगालवासियों के लिए राहत भरी है जो बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, आवास, सड़कें, स्वच्छ जल और सीमा सुरक्षा की उम्मीद लगाए बैठे हैं। केंद्र-राज्य टकराव के कारण पिछले 12 सालों में कई महत्वपूर्ण योजनाएं रुकी रहीं। अब नई सरकार के साथ ‘डबल इंजन’ की गति बंगाल के विकास को नई दिशा दे सकती है।

राजनाथ सिंह संभाल रहे समन्वय की जिम्मेदारी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इस पूरे अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने सभी केंद्रीय मंत्रियों से फोन पर बात की और उनसे अपनी-अपनी मंत्रालय की रुकी हुई योजनाओं की विस्तृत सूची मांगी है। मंत्रालय अब ब्यौरा जमा कर रहे हैं।

सूची मिलने के बाद केंद्र स्तर पर उन अड़चनों को दूर करने का काम शुरू होगा जो ममता बनर्जी सरकार के टकराव वाले रवैये की वजह से पैदा हुई थीं। कई योजनाओं को राज्य में लागू ही नहीं किया गया या उनका नाम बदल दिया गया। जमीन न देने और अन्य बहानों से काम अटकाए रखे गए। अब इस रुकावट को खत्म करने की कवायद चल रही है।

इन प्रमुख योजनाओं में आने वाली है तेजी

केंद्र सरकार की कई flagship योजनाएं बंगाल में पिछड़ गई थीं। अब इनमें गति आने की संभावना है:

  • आयुष्मान भारत योजना: राज्य सरकार ने इसे लागू करने से इनकार कर दिया था। अपनी स्वास्थ्य साथी योजना को बेहतर बताते हुए केंद्र की 60:40 फंडिंग और प्रधानमंत्री की तस्वीर वाले पोस्टर को अस्वीकार किया गया था। अब पांच लाख रुपये तक के मेडिकल बीमा का लाभ बंगाल के लोगों को मिल सकता है।
  • पीएम आवास योजना: नाम बदलकर बांग्ला आवास योजना कर दिया गया था, जिसके कारण 2022 से केंद्र ने फंड रोक दिया। अब मूल योजना को फिर से शुरू करने की तैयारी है।
  • शिक्षा क्षेत्र में प्रधानमंत्री श्री स्कूल, नई शिक्षा नीति और उल्लास जैसी योजनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत रुकी परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
  • पीएम मत्स्य संपदा योजना को राज्य ने लॉन्चिंग के दो साल बाद भी लागू नहीं किया था। फंड का उपयोग भी बहुत कम हुआ।
  • जल जीवन मिशन में बेहतर क्रियान्वयन और फंड उपयोग पर जोर दिया जाएगा।
  • नमामि गंगे के तहत गंगा सफाई के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की परियोजनाएं जमीन न मिलने से अटकी रहीं। अब इनमें तेजी लाई जाएगी।

बॉर्डर सुरक्षा पर सबसे बड़ी चुनौती

सबसे गंभीर मुद्दा बॉर्डर फेंसिंग का रहा। ममता सरकार ने फेंसिंग के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध नहीं कराई। केंद्र अब अगले 45 दिनों में इस काम को पूरा करने का संकल्प ले चुका है।

नई सरकार के गठन के साथ बंगाल में विकास कार्यों की गति बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, राज्य सरकार के सहयोग पर ही इन योजनाओं की सफलता निर्भर करेगी। केंद्र का यह सक्रिय रुख दिखाता है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद विकास को आगे बढ़ाने की इच्छा मजबूत है। आम बंगालवासी अब उम्मीद कर रहे हैं कि नई सरकार और केंद्र के समन्वय से उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।