पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज कोलकाता पहुंच चुके हैं। बतौर केंद्रीय पर्यवेक्षक वे भाजपा विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे और 206 विधायकों को संबोधित भी कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री पद संभालना लगभग तय माना जा रहा है। उनके साथ दो उपमुख्यमंत्री भी शपथ लेंगे। आज शाम तक इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है। आम बंगालवासी इस बदलाव को लेकर उम्मीद और उत्सुकता दोनों महसूस कर रहे हैं, क्योंकि नई सरकार राज्य के विकास, रोजगार और कानून-व्यवस्था पर सीधा असर डालेगी।
शुभेंदु अधिकारी की मजबूत दावेदारी
भाजपा ने अभी मुख्यमंत्री पद के लिए आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन शुभेंदु अधिकारी स्पष्ट रूप से सबसे आगे हैं। उन्होंने नंदीग्राम सीट बरकरार रखी, जहां 2021 में उन्होंने ममता बनर्जी को हराया था। हाल ही में उन्होंने भवानीपुर सीट भी तृणमूल सुप्रीमो के गढ़ से छीन ली।
शुभेंदु अधिकारी कभी ममता बनर्जी के सबसे करीबी सहयोगियों में शामिल थे और ग्रामीण बंगाल में तृणमूल के संगठन विस्तार के प्रमुख सूत्रधार माने जाते थे। दिसंबर 2020 में वे भाजपा में शामिल हुए और तब से पार्टी के सबसे आक्रामक चेहरों में शुमार हो गए। उनकी इस यात्रा ने उन्हें राज्य की राजनीति में एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया है।
अमित शाह का कार्यक्रम और शपथ समारोह
अमित शाह का स्वागत नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुभेंदु अधिकारी समेत अन्य भाजपा नेताओं ने किया। हवाई अड्डे से वे न्यू टाउन स्थित होटल पहुंचे। दोपहर में विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी।
शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। राज्यपाल आर.एन. रवि ने गुरुवार को विधानसभा भंग कर नई सरकार गठन का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है।
संभावित मंत्रियों की लिस्ट और भविष्य की चुनौतियां
शुभेंदु अधिकारी के अलावा दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रमाणिक, रूपा गांगुली, स्वपन दासगुप्ता, शंकर घोष, तापस रॉय, अशोक डिंडा और डॉ. राजेश कुमार जैसे नेताओं को मंत्री पद मिलने की संभावना है।
नई सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं। ममता बनर्जी के लंबे शासनकाल के दौरान राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक निवेश और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे। आम नागरिक अब उम्मीद कर रहे हैं कि नई सरकार इन मुद्दों पर ठोस काम करेगी और बंगाल को विकास की मुख्यधारा में लाएगी। केंद्र और राज्य में ‘डबल इंजन’ सरकार बनने से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की संभावना भी बढ़ गई है। शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बंगाल की राजनीति और प्रशासन में क्या बदलाव आएगा, यह देखने के लिए पूरा राज्य उत्सुक है। आज शाम तक आधिकारिक घोषणा के बाद तस्वीर और साफ हो जाएगी।


