PM मोदी की विदेश यात्रा पर ब्रेक और तेल की आग: इंडिगो समेत एविएशन-ट्रैवल स्टॉक्स में भारी गिरावट, 9500 करोड़ का नुकसान

PM मोदी की विदेश यात्रा पर ब्रेक और तेल की आग: इंडिगो समेत एविएशन-ट्रैवल स्टॉक्स में भारी गिरावट, 9500 करोड़ का नुकसान

शेयर बाजार में एक बार फिर हलचल मच गई है। जहां ज्वेलरी सेक्टर पहले से दबाव में था, वहीं अब एविएशन और ट्रैवल कंपनियों के शेयर भी तेजी से फिसल रहे हैं। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के शेयरों में करीब 5.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन में लगभग 9500 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया। स्पाइसजेट, ixigo, यात्रा ऑनलाइन और अन्य ट्रैवल कंपनियों के शेयर भी 7 फीसदी तक टूट गए।

यह गिरावट बिना किसी बड़े आर्थिक आंकड़े के आई है। असल वजह है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें।

एविएशन और ट्रैवल सेक्टर में भारी बिकवाली

सोमवार को कारोबार के दौरान इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयर 5.42 फीसदी गिरकर 4,276.80 रुपए के निचले स्तर पर पहुंच गए। स्पाइसजेट के शेयर 4.36 फीसदी कमजोर होकर 13.38 रुपए तक फिसले। ixigo, Yatra Online, Thomas Cook और Easy Trip Planners जैसे बुकिंग प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में 7 फीसदी तक की गिरावट देखी गई।

Thomas Cook को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा। सिर्फ 195 मिनट के कारोबार में इंडिगो की मार्केट वैल्यू 1,74,689 करोड़ से घटकर 1,65,210 करोड़ रुपए रह गई। यानी करीब 9,480 करोड़ रुपए की市值 मिट गई। निवेशकों में साफ तौर पर नकारात्मक भावना दिख रही है।

पीएम मोदी की अपील ने बदला बाजार का मूड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि गैर-जरूरी विदेश यात्राएं कम से कम एक साल तक टालें। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच उन्होंने नागरिकों से ईंधन की खपत सावधानी से करने और वर्क फ्रॉम होम, वर्चुअल मीटिंग्स जैसे विकल्प अपनाने को कहा है।

कोविड काल में भारत ने रिमोट वर्किंग को सफलतापूर्वक अपनाया था। पीएम ने कहा कि राष्ट्रीय हित में अब फिर से इन्हीं तरीकों को बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करना चाहिए। यह अपील सीधे अंतरराष्ट्रीय यात्राओं और बिजनेस ट्रिप्स पर असर डाल रही है, जिससे ट्रैवल और एविएशन कंपनियों की भविष्य की आय पर सवाल उठ गए हैं।

कच्चा तेल 105 डॉलर के पार, एविएशन कंपनियों पर दबाव

गिरावट की दूसरी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतें हैं। अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता फेल होने के बाद तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की लागत बढ़ने से इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी कंपनियों का खर्चा बढ़ रहा है।

ईंधन एविएशन कंपनियों के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा होता है। रुपए की कमजोरी के कारण डॉलर में चुकाने वाले भुगतान और भी महंगे हो जाते हैं। नतीजतन मुनाफे पर दबाव पड़ता है और कैश फ्लो प्रभावित होता है।

आम यात्रियों और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?

यात्रियों के लिए यह बढ़ती कीमतें हवाई किराए में इजाफे के रूप में दिख सकती हैं। एयरलाइंस फ्यूल सरचार्ज बढ़ाकर या बेस फेयर में बदलाव करके अतिरिक्त लागत को पैसेंजर्स पर डालती हैं। लंबे समय में लोग महंगे हवाई सफर और छुट्टियों से बचने लगते हैं, जिससे बुकिंग्स घटती हैं।

ट्रैवल कंपनियों के लिए कम ट्रांजेक्शन का मतलब कम कमीशन और राजस्व है। हालांकि, यह स्थिति देश को विदेशी मुद्रा बचाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत करने का अवसर भी दे रही है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल निवेशक सतर्क हैं और सेक्टर की रिकवरी पर नजर रखे हुए हैं।