शुभेंदु अधिकारी बने पश्चिम बंगाल के CM, पहली कैबिनेट में 6 बड़े फैसले: बॉर्डर फेंसिंग से लेकर 321 शहीदों को न्याय

शुभेंदु अधिकारी बने पश्चिम बंगाल के CM, पहली कैबिनेट में 6 बड़े फैसले: बॉर्डर फेंसिंग से लेकर 321 शहीदों को न्याय

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बदलाव की हवा अब साफ नजर आ रही है। शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक की। इस बैठक में 5 मंत्रियों के साथ 6 अहम फैसले लिए गए, जो राज्य की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

नई सरकार सत्ता में आते ही एक्शन मोड में नजर आई है।

बॉर्डर सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर जोर

पहली कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए जरूरी जमीन सीमा सुरक्षा बल (BSF) को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी गई है। इस प्रक्रिया को अगले 45 दिनों के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य में लंबे समय से सीमा सुरक्षा को लेकर चिंताएं उठती रही हैं। नई सरकार ने इसे प्राथमिकता देते हुए भूमि एवं राजस्व सचिव और मुख्य सचिव को जिम्मेदारी सौंपी है।

321 बीजेपी कार्यकर्ताओं को न्याय और सम्मान

कैबिनेट की बैठक में सबसे भावुक पल तब आया जब राज्य में राजनीतिक हिंसा के दौरान मारे गए भाजपा के 321 कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी गई। सरकार ने फैसला किया है कि इन शहीदों के परिवारों की पूरी जिम्मेदारी अब राज्य सरकार उठाएगी।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “जिन 321 लोगों ने असमय अपनी जान गंवाई, उन्हें मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। हम उनके परिवारों के प्रति जवाबदेह हैं और उन्हें इंसाफ दिलाएंगे।” यह फैसला उन परिवारों के लिए राहत की खबर है जो वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे।

शिक्षा, स्वास्थ्य और केंद्रीय योजनाओं पर बड़ा ऐलान

कैबिनेट ने स्कूल नौकरियों के लिए आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी कर दी। यह वादा पहले गृह मंत्री अमित शाह कर चुके थे। साथ ही, राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) को तत्काल लागू करने का फैसला लिया गया।

पिछली सरकार पर आरोप था कि उसने संविधान का उल्लंघन करते हुए नए आपराधिक कानूनों को लागू नहीं किया था। अब इस देरी को पूरा किया जाएगा।

जनगणना संबंधी केंद्र सरकार के जून 2025 के सर्कुलर को भी तुरंत लागू करने की मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा आयुष्मान भारत, पीएम जन आरोग्य योजना, पीएम फसल बीमा, पीएम विश्वकर्मा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला जैसी सभी केंद्रीय योजनाओं को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बदलाव की हवा अब साफ नजर आ रही है। शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक की। इस बैठक में 5 मंत्रियों के साथ 6 अहम फैसले लिए गए, जो राज्य की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

नई सरकार सत्ता में आते ही एक्शन मोड में नजर आई है।

बॉर्डर सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर जोर

पहली कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए जरूरी जमीन सीमा सुरक्षा बल (BSF) को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी गई है। इस प्रक्रिया को अगले 45 दिनों के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य में लंबे समय से सीमा सुरक्षा को लेकर चिंताएं उठती रही हैं। नई सरकार ने इसे प्राथमिकता देते हुए भूमि एवं राजस्व सचिव और मुख्य सचिव को जिम्मेदारी सौंपी है।

321 बीजेपी कार्यकर्ताओं को न्याय और सम्मान

कैबिनेट की बैठक में सबसे भावुक पल तब आया जब राज्य में राजनीतिक हिंसा के दौरान मारे गए भाजपा के 321 कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी गई। सरकार ने फैसला किया है कि इन शहीदों के परिवारों की पूरी जिम्मेदारी अब राज्य सरकार उठाएगी।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “जिन 321 लोगों ने असमय अपनी जान गंवाई, उन्हें मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। हम उनके परिवारों के प्रति जवाबदेह हैं और उन्हें इंसाफ दिलाएंगे।” यह फैसला उन परिवारों के लिए राहत की खबर है जो वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे।

शिक्षा, स्वास्थ्य और केंद्रीय योजनाओं पर बड़ा ऐलान

कैबिनेट ने स्कूल नौकरियों के लिए आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी कर दी। यह वादा पहले गृह मंत्री अमित शाह कर चुके थे। साथ ही, राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) को तत्काल लागू करने का फैसला लिया गया।

पिछली सरकार पर आरोप था कि उसने संविधान का उल्लंघन करते हुए नए आपराधिक कानूनों को लागू नहीं किया था। अब इस देरी को पूरा किया जाएगा।

जनगणना संबंधी केंद्र सरकार के जून 2025 के सर्कुलर को भी तुरंत लागू करने की मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा आयुष्मान भारत, पीएम जन आरोग्य योजना, पीएम फसल बीमा, पीएम विश्वकर्मा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला जैसी सभी केंद्रीय योजनाओं को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

नौकरियों और प्रशासनिक सुधार का ऐलान

एक और महत्वपूर्ण फैसला राज्य सरकार की नौकरियों के लिए आयु सीमा बढ़ाने का लिया गया। पश्चिम बंगाल में 2015 के बाद लंबे समय से कोई बड़ी भर्ती नहीं हुई थी। इस वजह से युवाओं को राहत देने के लिए 5 साल की छूट दी गई है।

IAS और IPS अधिकारियों के केंद्रीय प्रशिक्षण को भी मंजूरी मिल गई है।

आम पश्चिम बंगालवासी के लिए क्या मायने?

नई सरकार के इन फैसलों से राज्य में सुरक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी है। बॉर्डर फेंसिंग से सीमा क्षेत्र के निवासियों को सुरक्षा महसूस होगी, जबकि युवाओं को नौकरी के अवसर बढ़ सकते हैं। केंद्रीय योजनाओं के लागू होने से गरीब परिवारों, किसानों और महिलाओं को सीधा फायदा पहुंचने की संभावना है।

शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने शुरुआत में ही एक्शन दिखाकर यह संदेश दिया है कि बदलाव अब सिर्फ वादों तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में इन फैसलों के अमल पर सबकी नजर रहेगी।

एक और महत्वपूर्ण फैसला राज्य सरकार की नौकरियों के लिए आयु सीमा बढ़ाने का लिया गया। पश्चिम बंगाल में 2015 के बाद लंबे समय से कोई बड़ी भर्ती नहीं हुई थी। इस वजह से युवाओं को राहत देने के लिए 5 साल की छूट दी गई है।

IAS और IPS अधिकारियों के केंद्रीय प्रशिक्षण को भी मंजूरी मिल गई है।

आम पश्चिम बंगालवासी के लिए क्या मायने?

नई सरकार के इन फैसलों से राज्य में सुरक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी है। बॉर्डर फेंसिंग से सीमा क्षेत्र के निवासियों को सुरक्षा महसूस होगी, जबकि युवाओं को नौकरी के अवसर बढ़ सकते हैं। केंद्रीय योजनाओं के लागू होने से गरीब परिवारों, किसानों और महिलाओं को सीधा फायदा पहुंचने की संभावना है।

शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने शुरुआत में ही एक्शन दिखाकर यह संदेश दिया है कि बदलाव अब सिर्फ वादों तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में इन फैसलों के अमल पर सबकी नजर रहेगी।