ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम: “जल्दी फैसला लो, वरना कुछ नहीं बचेगा”

ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम: “जल्दी फैसला लो, वरना कुछ नहीं बचेगा”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि समय तेजी से निकल रहा है। अगर तेहरान जल्द ही परमाणु कार्यक्रम को लेकर बेहतर प्रस्ताव नहीं देता, तो अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हमला कर सकता है। ट्रंप का साफ संदेश है कि घड़ी चल रही है और ईरान के पास ज्यादा समय नहीं बचा।

यह बयान ऐसे वक्त आया है जब दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते को लेकर गतिरोध जारी है। ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया को दिए इंटरव्यू में जोर देकर कहा कि अमेरिका अभी भी युद्ध टालने के लिए समझौता चाहता है, लेकिन ईरान अब तक उनकी शर्तों को मानने को तैयार नहीं दिख रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान नया और बेहतर प्रस्ताव लेकर आएगा, वरना परिणाम उसके लिए बेहद भारी पड़ सकते हैं।

ट्रंप-नेतन्याहू की बातचीत और व्हाइट हाउस की तैयारियां

रविवार को ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने ईरान की मौजूदा स्थिति पर गहन मंत्रणा की। इससे एक दिन पहले ट्रंप ने अपने वर्जीनिया गोल्फ क्लब में राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ अहम बैठक भी की। इस बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और CIA प्रमुख जॉन रैटक्लिफ शामिल थे।

मंगलवार को ट्रंप व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अपनी पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बड़ी बैठक करने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों पर विस्तार से चर्चा होगी। अगर बातचीत आगे नहीं बढ़ी तो अमेरिका फिर से हमले शुरू करने की तैयारी में है।

मध्यस्थता की कोशिशें और UAE पर ड्रोन हमला

इस बीच पाकिस्तान और कतर दोनों देश अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्री तेहरान पहुंचकर ईरानी नेताओं से मिल चुके हैं। कतर के प्रधानमंत्री ने भी पाकिस्तान और ईरान के शीर्ष नेताओं से फोन पर बात की है। ये प्रयास दिखाते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अभी भी तनाव कम करने की कोशिश में लगा हुआ है।

रविवार को एक और गंभीर घटना हुई। अबू धाबी के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के बाहर ड्रोन हमला हुआ। हमले में इलेक्ट्रिक जनरेटर में आग लग गई। यूएई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, तीन ड्रोन देश की हवाई सीमा में घुसे, जिनमें से दो को मार गिराया गया। हालांकि यूएई ने सीधे ईरान का नाम नहीं लिया, लेकिन अधिकारियों ने इस हमले को बेहद गंभीर बताया। सौभाग्य से प्लांट की परमाणु सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा और वह सामान्य रूप से चल रहा है।

आम आदमी की जिंदगी पर क्या असर?

ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं है। अगर स्थिति बिगड़ी तो तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। पेट्रोल-डीजल महंगा होना, मुद्रास्फीति बढ़ना और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता आम लोगों की जेब पर बोझ बन सकती है।

ट्रंप का यह रुख दिखाता है कि वे ईरान को ज्यादा समय देने को तैयार नहीं हैं। वहीं ईरान अभी भी अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है। दोनों तरफ से सख्ती जारी है, लेकिन मध्यस्थ देश अभी भी उम्मीद बांधे हुए हैं।

अभी स्थिति बेहद नाजुक है। अगले कुछ दिनों में होने वाली बैठकें और ईरान का जवाब तय करेंगे कि क्षेत्र में शांति बनी रहती है या फिर नया संघर्ष शुरू होता है। दुनिया भर के नजर इस पर टिके हुए हैं।