आम आदमी पार्टी के भीतर चल रहा तनाव अब खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने अपनी ही पार्टी के नेताओं के आरोपों का जवाब देते हुए एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने इस वीडियो के जरिए यह साबित करने की कोशिश की कि उन्होंने संसद में पंजाब से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया है। चड्ढा का यह कदम ऐसे समय आया है, जब पार्टी के पंजाब नेतृत्व ने उन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
पंजाब नेतृत्व का आरोप: “एक भी अहम मुद्दा नहीं उठाया”
पंजाब में Aam Aadmi Party के वरिष्ठ नेताओं ने चड्ढा की कार्यशैली पर नाराजगी जताई थी। वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema, राज्य अध्यक्ष Aman Arora और नेता Kuldeep Singh Dhaliwal ने संयुक्त बयान में कहा कि चड्ढा ने संसद में पंजाब के संवेदनशील मुद्दों पर “एक भी सवाल नहीं उठाया।” उन्होंने यह भी कहा कि उनकी निष्क्रियता पार्टी की सोच और जिम्मेदारी के खिलाफ है।
चड्ढा का पलटवार: “पंजाब मेरे लिए सिर्फ मुद्दा नहीं, मेरी पहचान”
To my colleagues in AAP who were forced to issue videos saying that “Raghav Chadha failed to raise Punjab’s issues in Parliament”, here is a small trailer…Picture Abhi Baaki Hai.
Punjab isn’t a talking point for me. It is my home, my duty, my soil, my soul❤️ pic.twitter.com/qdTMHK4sqU
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 5, 2026
इन आरोपों के जवाब में राघव चड्ढा ने तीन मिनट का एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने संसद में अपने भाषणों के अंश दिखाए। उन्होंने लिखा कि उनके खिलाफ एक “सुनियोजित नैरेटिव” बनाया जा रहा है। चड्ढा ने कहा, “पंजाब मेरे लिए सिर्फ चर्चा का विषय नहीं है, यह मेरा घर, मेरी जिम्मेदारी और मेरी पहचान है।” वीडियो में उन्होंने वायु प्रदूषण, हवाई किराए, गिग वर्कर्स के अधिकार और मोबाइल प्लान की वैधता जैसे मुद्दों पर अपनी सक्रियता दिखाई।
किन मुद्दों पर नाराज है पार्टी? करोड़ों के फंड का सवाल
AAP के पंजाब नेताओं ने कई अहम आर्थिक मुद्दों का जिक्र किया है। इनमें करीब ₹8,500 करोड़ का Rural Development Fund, लगभग ₹60,000 करोड़ का GST नुकसान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में फंडिंग की कमी और बाढ़ राहत के ₹1,600 करोड़ की देरी शामिल हैं। नेताओं का कहना है कि ये ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर राष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठनी चाहिए थी।
विवाद की वजह: अहम पद से हटाए जाने के बाद बढ़ा तनाव
यह पूरा विवाद तब और बढ़ गया, जब पार्टी ने हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया। इसके साथ ही पार्टी नेतृत्व ने राज्यसभा सचिवालय से यह भी अनुरोध किया कि उन्हें बोलने का समय न दिया जाए। यह कदम साफ संकेत देता है कि पार्टी के भीतर मतभेद गहराते जा रहे हैं।
AAP में बढ़ती खींचतान, आगे क्या असर होगा?
राघव चड्ढा के बाद अब Swati Maliwal भी नेतृत्व से टकराव के कारण चर्चा में रही हैं। इन घटनाओं से साफ है कि पार्टी के अंदर एक बड़ा बदलाव या संघर्ष चल रहा है। अब सवाल यह है कि क्या यह विवाद यहीं थमेगा या आगे पार्टी की रणनीति और नेतृत्व पर इसका असर दिखेगा।


