अभिषेक बनर्जी बने TMC के नए राष्ट्रीय महासचिव

TMC के राष्ट्रीय महासचिव बने अभिषेक बनर्जी की राह नहीं है आसान, नई जिम्मेदारियों के साथ हैं ये चुनौतियां

नई दिल्ली। ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी देश के हर इलाके में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती है और एक महीने में इसके लिए योजना तैयार कर ली जाएगी.

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने कहा कि उनकी पार्टी हर उस राज्य में बीजेपी से सीधे मुकाबला करना चाहती है, जहां पर उसका आधार बन रहा है. अभिषेक को महासचिव बनाने के फैसले को विभिन्न दलों के नेता और राजनीतिक विश्लेषक अलग-अलग नजरिए से देखते हैं

तृणमूल विधायक विवेक गुप्ता ने अभिषेक बनर्जी के नए पद के बारे में कहा कि “इसमें कोई शक नहीं कि इस चुनाव में अभिषेक बनर्जी ने बड़ी भूमिका निभाई थी, हालांकि पार्टी का नेतृत्व ममता बनर्जी ने किया था. उनके काम के लिए कोई सराहना ही काफी नहीं है. जब ऐसे लोग कोई अच्छा काम करते हैं तो पार्टी उनके बारे में अच्छा सोचती है.अब मुझे लगता है कि उनका मूल्यांकन थोड़ा देर से हुआ है, यह पहले किया जाना चाहिए था. उन्होंने हर बार खुद को साबित किया है. लेकिन जब भी वह खड़ा हुआ उससे हर बार पूछताछ की गई. उन्होंने अपने अच्छे नतीजों से पार्टी के अंदर और बाहर सभी को चुप करा दिया

वहीं, बीजेपी प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने इस फैसले को स्पष्ट निर्णय करार दिया. शमिक भट्टाचार्य ने कहा “तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह ममता बनर्जी पर निर्भर एक राजनीतिक पार्टी हैं. वही पावर में हैं तो उस जगह अभिषेक बनर्जी को एक बड़ा पद मिलना बहुत स्वाभाविक हैं. इसको लेकर कोई वितर्क नहीं हो सकता है और अगर इसमें कुछ होता भी हैं तो हम क्यों कुछ वितर्क करेंगे , हमारी एक प्रणाली हैं और हम हमारे पार्टी में किसको किस पद में रखना हैं, उस पर विचार करेंगे और उस पर तृणमूल कुछ नहीं बोल सकती. वैसे ही उनकी पार्टी के फैसले पर हम नहीं बोल सकते.”