किसान नेताओं को मोदी सरकार ने फिर दिया बातचीत का न्योता, कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने शांति बहाल रखने को कहा

आंदोलनकारी किसान नेताओं को मोदी सरकार ने फिर दिया बातचीत का न्योता, कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने शांति बहाल रखने को कहा

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने एक बार फिर आंदोलन कर रहे किसान संगठनों के नेताओं को बातचीत का न्योता दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। अर्जुन मुंडा ने कहा है कि सरकार पांचवें दौर की बातचीत में सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। इसमें एमएसपी की मांग, अलग-अलग उपज, पराली और पिछले किसान आंदोलन के दौरान आंदोलकारियों पर दर्ज एफआईआर के मुद्दे रहेंगे। अर्जुन मुंडा ने लिखा है कि हमें शांति बनाए रखना जरूरी है। इससे पहले अर्जुन मुंडा ने कहा था कि बातचीत से ही सभी मुद्दों का हल निकल सकता है। यानी केंद्र की मोदी सरकार किसी भी सूरत में अशांति न होने देने के लिए तत्पर है और किसान नेताओं से बातचीत कर समाधान निकालना चाहती है।

किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने पहले आज दिल्ली कूच का एलान किया था। उन्होंने कहा था कि हम कोई अप्रिय स्थिति नहीं चाहते। पंढेर ने ये भी कहा था कि वो अपने किसान नेता साथियों के साथ दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। पंढेर के इस बयान के बाद ही अर्जुन मुंडा की तरफ से पांचवें दौर की बातचीत का न्योता दिया गया है। किसान नेताओं और मोदी सरकार के बीच 4 दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। चौथे दौर की बातचीत में मोदी सरकार ने ये प्रस्ताव भी दिया था कि सरकारी खरीद एजेंसियां नैफेड और एफसीआई कपास समेत कुछ और फसलों की अगले 5 साल तक एमएसपी पर खरीद करेंगी, लेकिन किसान नेता इस पर राजी नहीं हुए। उन्होंने फिर दिल्ली कूच का एलान किया था।

केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने इससे पहले पंजाब सरकार को चिट्ठी लिखी थी और कहा था कि जिस तरह पोकलैंड और जेसीबी जैसी मशीनों को हरियाणा के शंभु बॉर्डर पर भेजने की मंजूरी दी गई और जिस तरह पुलिस पर पथराव वगैरा हो रहा है, उससे लगता है कि आंदोलन की आड़ में उपद्रवियों को छूट दी गई है। इसके बाद पंजाब पुलिस सक्रिय हुई और डीजीपी ने जेसीबी वगैरह हरियाणा की सीमा की तरफ जाने पर रोक लगाई। हालांकि, ऐसी भारी मशीनें मंगलवार को ही आंदोलन की जगह यानी शंभु बॉर्डर पर ले जाया गया था।