उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। रामपुर खास से विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को यूपी कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। इस बदलाव के बाद अब तक प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाल रहे अजय राय का पहला बयान सामने आया है। वाराणसी में मीडिया से बातचीत में अजय राय ने पार्टी नेतृत्व, राहुल गांधी और नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
राहुल गांधी का आभार, बोले- एक आम कार्यकर्ता पर जताया भरोसा
प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ने के बाद अजय राय ने सबसे पहले कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व और खासतौर पर राहुल गांधी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक सामान्य कार्यकर्ता को राज्य संगठन की जिम्मेदारी दी और उन्हें नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा।
अजय राय ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के भरोसे की वजह से उन्होंने वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा। उन्होंने अपने बयान में दावा किया कि वाराणसी में उन्हें 4.60 लाख वोट मिले और सात राउंड में उन्होंने बढ़त भी बनाई।
उनके मुताबिक, यह उनके ऊपर पार्टी नेतृत्व के भरोसे को दिखाता है। अजय राय ने कहा कि उन्होंने संगठन की जिम्मेदारी पूरी मेहनत से निभाई और आगे भी पार्टी के लिए काम करते रहेंगे।
आराधना मिश्रा को शुभकामनाएं, कार्यकर्ताओं को लेकर दी नसीहत
यूपी कांग्रेस की नई टीम को लेकर अजय राय ने आराधना मिश्रा ‘मोना’ को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई प्रदेश अध्यक्ष पार्टी को आगे ले जाएंगी।
अजय राय ने खास तौर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सम्मान और भरोसे को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को यह विश्वास होना चाहिए कि मुश्किल समय में प्रदेश अध्यक्ष उनके साथ खड़ा रहेगा।
उन्होंने आराधना मिश्रा से अपील की कि वह पूरी ताकत से कार्यकर्ताओं के सम्मान की रक्षा करें और उनके साथ खड़ी रहें। अजय राय ने कहा कि अगर किसी कार्यकर्ता के साथ अन्याय या अत्याचार होता है, तो संगठन को मजबूती से उसके पक्ष में खड़ा होना चाहिए।
अपने बयान में उन्होंने बीजेपी सरकार, पुलिस और अन्य राजनीतिक-सामाजिक समूहों को लेकर भी आरोप लगाए। ये आरोप अजय राय के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
‘यह किनारे किए जाने की बात नहीं, राजनीति में पद आते-जाते हैं’
प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने को लेकर जब उनसे सवाल हुआ तो अजय राय ने इसे खुद को किनारे किए जाने के तौर पर देखने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में पद स्थायी नहीं होते।
उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वह पिंडरा से पांच बार विधायक रहे हैं। उनके मुताबिक, जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं, लेकिन काम करने की भूमिका बनी रहती है।
अजय राय ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी ने उनसे इस्तीफा नहीं मांगा और न ही किसी तरह का दबाव बनाया। उन्होंने बताया कि वह पार्टी के निर्देशों के मुताबिक काम करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी राहुल गांधी से मुलाकात हुई थी। दोनों के बीच उत्तर प्रदेश में संगठन को कैसे मजबूत किया जाए, किन क्षेत्रों में ज्यादा काम करने की जरूरत है और किन लोगों को मजबूत किया जाना चाहिए, इन मुद्दों पर चर्चा हुई।
चुनाव से पहले मुद्दों पर जोर, जातीय समीकरण पर भी बोले
अजय राय ने कहा कि इस बार कांग्रेस के सामने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे अहम रहेंगे। उन्होंने सरकार पर कुछ मामलों में गलत तरीके से वसूली और फंड के इस्तेमाल के आरोप भी लगाए। गोरखपुर में विकास और जलभराव से जुड़े मुद्दों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नई टीम के साथ मिलकर पहले से ज्यादा ताकत के साथ काम करेगी। आराधना मिश्रा के राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह तीन बार विधायक रही हैं और उनके परिवार की क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक मौजूदगी रही है।
जातीय समीकरण से जुड़े सवाल पर अजय राय ने कहा कि कांग्रेस सभी वर्गों, धर्मों और जातियों को साथ लेकर चलने की बात करती है। इसी दौरान उन्होंने अपना जनेऊ भी दिखाया।
अजय राय ने अंत में कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई है और आगे भी उसी ऊर्जा के साथ पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने काशी और बाबा विश्वनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि आगे का सफर भी इसी विश्वास के साथ जारी रहेगा।


