Bengal violence: ‘बंगाल सरकार में कई बेहतर लोग…’ बंगाल में हिंसक प्रदर्शन पर असदुद्दीन औवेसी ने क्या कहा?

Bengal violence: ‘बंगाल सरकार में कई बेहतर लोग…’ बंगाल में हिंसक प्रदर्शन पर असदुद्दीन औवेसी ने क्या कहा?

वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। जिसके बाद देशभर में इस मुद्दे पर सियासत गरमा उठी है। (Asaduddin Owaisi on Bengal violence) अब पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शनों पर AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन औवेसी का भी बयान आया है। उन्होंने पहली बार बंगाल हिंसा पर चुप्पी तोड़ी। औवेसी ने पश्चिम बंगाल में मचे बवाल पर क्या कहा? जानते हैं…

मैं बंगाल सरकार का प्रवक्ता नहीं- औवेसी

पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो चुके हैं। इन हिंसक प्रदर्शनों में तीन लोगों की मौत भी हो गई। जिसके बाद पश्चिम बंगाल अब सुर्खियों में है, देशभर में इस मुद्दे पर सियासत गर्मा रही है। अब AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन औवेसी ने भी पहली बार पश्चिम बंगाल हिंसा पर बयान दिया है। असदुद्दीन औवेसी ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में मुर्शिदाबाद हिंसा पर प्रतिक्रिया पूछने पर कहा कि मैं पश्चिम बंगाल सरकार का प्रवक्ता नहीं हूं। बंगाल सरकार में कई बेहतर लोग हैं, जो इसका जवाब दे सकते हैं।

‘हिंसा की निंदा करते हैं, करते रहेंगे’

असदुद्दीन औवेसी ने कहा कि हम हिंसा की निंदा करते हैं और करते रहेंगे। प्रदर्शन शांति के साथ होने चाहिए। इसके साथ ही औवेसी ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में बुलडोजर एक्शन पर बात क्यों नहीं की जाती है? औवेसी ने वक्फ कानून को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री से अपील है कि इस कानून पर फिर से गौर करें। औवेसी ने कहा कि PM मोदी की विचारधारा राष्ट्रवाद और संविधान होना चाहिए। मगर वह ऐसा कानून बना रहे जो संविधान के खिलाफ है। वह अपनी विचारधारा देश पर थोप रहे हैं।

बंगाल में वक्फ कानून के विरोध में बवाल

वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं, मुर्शिदाबाद में प्रदर्शन हिंसक हो गए। अब धुलियान से भी इस तरह की खबर आ रही है। हाईकोर्ट ने मुर्शिदाबाद के अशांत क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर आदेश दिया है। इस बीच स्थानीय प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान आया था। जिसमें उन्होंने कहा कि जब राज्य में यह कानून लागू ही नहीं होगा, तो यहां बवाल क्यों हो रहा है?