अतीक की बेनामी संपत्तियों पर बड़ा शिकंजा! प्रयागराज में SIT गठित, करीबियों की भी होगी जांच

अतीक की बेनामी संपत्तियों पर बड़ा शिकंजा! प्रयागराज में SIT गठित, करीबियों की भी होगी जांच

प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके कथित बेनामी संपत्ति नेटवर्क पर एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक एक्शन शुरू हो गया है। अतीक अहमद, उसके परिवार और करीबी सहयोगियों से जुड़ी कथित बेनामी संपत्तियों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। माना जा रहा है कि यह जांच कई ऐसे नामों तक पहुंच सकती है, जिनके जरिए वर्षों तक संपत्तियां खरीदी और संचालित की गईं।

यह कार्रवाई अधिवक्ता केपी श्रीवास्तव की शिकायत के बाद शुरू हुई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अतीक अहमद और उसके परिजनों ने प्रभाव और दबदबे का इस्तेमाल करते हुए कई संपत्तियां दूसरे लोगों के नाम पर खरीदीं और उन्हें बेनामी तरीके से संचालित किया।

शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में

सूत्रों के अनुसार शिकायत में कई जमीनों, मकानों और व्यावसायिक परिसंपत्तियों का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इन संपत्तियों का वास्तविक नियंत्रण अतीक अहमद और उसके नेटवर्क के पास था, जबकि दस्तावेजों में मालिकाना हक किसी और के नाम पर दर्ज था।

इन्हीं आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। टीम अब संपत्तियों के स्वामित्व, वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजी रिकॉर्ड की पड़ताल करेगी।

करीबियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच केवल अतीक अहमद या उसके परिवार तक सीमित नहीं रहेगी। अधिकारियों के मुताबिक उन लोगों की भूमिका भी खंगाली जाएगी, जिनके नाम पर कथित तौर पर संपत्तियां खरीदी गईं या जिनका इन परिसंपत्तियों से किसी तरह का संबंध रहा है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि संपत्तियों की खरीद के लिए धन कहां से आया और वास्तविक लाभार्थी कौन थे।

जमीन, मकान और कारोबारी निवेश पर फोकस

एसआईटी का प्रमुख फोकस उन संपत्तियों पर रहेगा जिनके बारे में बेनामी होने का दावा किया गया है। इसमें आवासीय भूखंड, व्यावसायिक परिसरों, कृषि भूमि और अन्य निवेश शामिल हो सकते हैं।

संपत्तियों के दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और राजस्व अभिलेखों का मिलान कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी।

पहले भी हुई है कार्रवाई, अब जांच का नया चरण

अतीक अहमद और उसके गिरोह के खिलाफ पिछले कुछ वर्षों में कई प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाइयां हुई हैं। अवैध कब्जों, गैंगस्टर एक्ट और संपत्ति जब्ती जैसे मामलों में पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है।

अब बेनामी संपत्तियों की जांच को उस अभियान का अगला महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और संपत्तियों पर प्रशासनिक फैसले लिए जा सकते हैं।