बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने मेजबान ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर पहली बार उसके घर में टेस्ट मैच जीत लिया। यह जीत सिर्फ स्कोरलाइन की वजह से खास नहीं है, बल्कि इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि बांग्लादेश ने पांच दिन के मुकाबले को चौथे दिन ही खत्म कर दिया। इस नतीजे के साथ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में बांग्लादेश ने 1-0 की बढ़त बना ली है और दुनिया को यह संदेश दे दिया है कि अब वह बड़ी टीमों को उनकी अपनी परिस्थितियों में भी चुनौती देने की क्षमता रखता है।
चौथे दिन ही खत्म हुआ मुकाबला, 57 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल
मैच के चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी 284 रन पर समाप्त की। पहली पारी में बांग्लादेश को 227 रन की बड़ी बढ़त मिल चुकी थी, इसलिए उसके सामने जीत के लिए सिर्फ 57 रन का लक्ष्य था।
बांग्लादेश की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पहली पारी में शानदार 101 रन बनाने वाले ओपनर तनजीद हसन दूसरी पारी में बिना खाता खोले आउट हो गए। हालांकि लक्ष्य बेहद छोटा था, इसलिए इस शुरुआती झटके का टीम पर कोई खास असर नहीं पड़ा। बाकी बल्लेबाजों ने संयम के साथ रन पूरे किए और सिर्फ एक विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस तरह बांग्लादेश ने चार दिन के भीतर मैच अपने नाम कर लिया और डार्विन के मैदान पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली।
कैमरन ग्रीन का शतक भी नहीं बचा सका ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया ने चौथे दिन तीसरे दिन के 161/4 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया। टीम को कैमरन ग्रीन से बड़ी उम्मीद थी और उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक भी पूरा किया।
लेकिन दूसरे छोर से विकेट लगातार गिरते रहे। बाकी छह बल्लेबाज मिलकर केवल 123 रन ही जोड़ सके। नतीजा यह रहा कि ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी में 284 रन तक ही पहुंच पाया।
चूंकि पहली पारी में बांग्लादेश ने 227 रन की बढ़त बना ली थी, इसलिए ऑस्ट्रेलिया की यह पारी जीत बचाने के लिए काफी साबित नहीं हुई।
हसन महमूद बने जीत के सबसे बड़े नायक
इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े हीरो तेज गेंदबाज हसन महमूद रहे। उन्होंने पूरे मैच में कुल 9 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।
पहली पारी में उन्होंने 6 विकेट लिए और एक नया रिकॉर्ड बनाया। वह ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट खेलते हुए पांच विकेट लेने वाले पहले बांग्लादेशी तेज गेंदबाज बन गए। दूसरी पारी में भी उन्होंने तीन विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया।
उनकी धारदार गेंदबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह बांग्लादेश के पक्ष में मोड़ दिया और जीत की मजबूत नींव रखी।
बांग्लादेश के लिए क्यों मील का पत्थर है यह जीत?
बांग्लादेश इससे पहले भी टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया को हरा चुका है। साल 2017 में मीरपुर टेस्ट में उसने ऑस्ट्रेलिया को 20 रन से मात दी थी।
हालांकि इस बार की जीत का महत्व कहीं ज्यादा बड़ा है। पहली बार बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को उसकी अपनी धरती पर हराया है, जहां दुनिया की बड़ी-बड़ी टीमें जीत के लिए संघर्ष करती रही हैं।
इस जीत के बाद दोनों टीमों के बीच खेले गए सात टेस्ट मैचों में बांग्लादेश का रिकॉर्ड अब दो जीत और पांच हार का हो गया है। साथ ही वह सबसे कम टेस्ट मैच खेलकर ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराने वाला पहला एशियाई देश भी बन गया है।
डार्विन में मिली यह जीत सिर्फ एक टेस्ट मैच का नतीजा नहीं है, बल्कि बांग्लादेशी क्रिकेट के बढ़ते आत्मविश्वास और उसकी नई पहचान का मजबूत संकेत भी है।


