अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की नकदी गिनने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अब भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की निगरानी में नई कैश काउंटिंग व्यवस्था लागू कर दी है। एक सप्ताह तक परीक्षण के बाद यह नई प्रणाली अब औपचारिक रूप से लागू हो गई है। ट्रस्ट का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य चढ़ावे की गिनती को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की जांच पहले से जारी है।
दो पालियों में होगी नकदी की गिनती, हर टीम में 10 से 12 सदस्य
नई व्यवस्था के तहत अब मंदिर में दान पात्रों से निकलने वाली नकदी की गिनती SBI की निगरानी में की जाएगी। इसके लिए पूरी प्रक्रिया को दो अलग-अलग पालियों में विभाजित किया गया है।
पहली पाली सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक काम करेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक नकदी की गिनती करेगी। प्रत्येक पाली में 10 से 12 सदस्यों की टीम तैनात रहेगी, ताकि गिनती का काम व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
ट्रस्ट का मानना है कि इस नई प्रणाली से पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता दोनों मजबूत होंगी।
नए प्रभारी और चार सुपरवाइजर को मिली जिम्मेदारी
चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में पूर्व प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव के जेल जाने के बाद ट्रस्ट ने शोभनाथ मिश्रा को नकदी गिनती का नया प्रभारी नियुक्त किया है।
इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए चार सुपरवाइजर भी तैनात किए गए हैं। इनमें एक पूर्व सैनिक भी शामिल हैं। ट्रस्ट ने निगरानी व्यवस्था को पहले की तुलना में अधिक मजबूत बनाने का फैसला किया है, ताकि हर चरण पर जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
पूर्व सैन्य अधिकारियों को सौंपी गई निगरानी की जिम्मेदारी
नई व्यवस्था के तहत ट्रस्ट के सुरक्षा प्रभारी और सेना के पूर्व अधिकारी कैप्टन के.के. तिवारी को नकदी गिनती की पूरी प्रक्रिया की दैनिक निगरानी और रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा पूर्व रक्षाकर्मी एस.पी. दुबे और शेषमणि तिवारी को भी ट्रस्ट की ओर से निगरानी का दायित्व सौंपा गया है। इन अधिकारियों की भूमिका यह सुनिश्चित करना होगी कि गिनती की प्रक्रिया तय मानकों के अनुसार पूरी हो और हर चरण का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से रखा जाए।
कथित गड़बड़ी की जांच के बीच लागू हुआ नया मॉडल
यह नई व्यवस्था ऐसे समय लागू की गई है, जब राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ियों के मामले की जांच जारी है। यह मामला जून के पहले सप्ताह में सामने आया था।
इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी। इसी रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू की।
अब SBI की निगरानी में शुरू हुई नई कैश काउंटिंग व्यवस्था को ट्रस्ट पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की आशंकाओं को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।



