बांग्लादेश में नए सरकार की गठन और प्रधानमंत्री चयन के लिए आम चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है. चुनाव आयोग ने जातीय संसद की 300 सीटों पर चुनाव कराने की पूरी तैयारी कर ली है. शेख हसीना के सत्ता से जाने के बाद इस बार बांग्लादेश का चुनावी सिनेरियो पूरी तरह बदल चुका है. पहली बार बांग्लादेश में प्रधानमंत्री पद के लिए 4 बड़े दावेदार हैं. चारों ही दावेदार पहली बार पीएम पद की रेस में शामिल हुए हैं.
बांग्लादेश में सरकार गठन के लिए जातीय संसद की 151 सीटों पर जीत जरूरी है. बांग्लादेश में इस बार तीन बड़ी पार्टियों के बीच सियासी मुकाबला है. सबसे पुरानी पार्टी आवामी लीग इस बार चुनावी मैदान में नहीं दिखेगी. अंतरिम सरकार की पहल पर चुनाव आयोग ने आवामी लीग पर बैन लगा दिया है.



