बांग्लादेश में चुनाव के बाद तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी की सरकार बनी है, लेकिन इस बीच राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के बयान को लेकर घमासान मच गया है. राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने पूर्व मुख्य सलाहाकार और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस पर उन्हें गैर-संवैधानिक तरीके से पद से हटाने की “साजिश” रचने का आरोप लगाया है. शहाबुद्दीन ने दावा किया कि यूनुस के कार्यकाल के दौरान, बांग्लादेश को अस्थिर करने और संवैधानिक शून्यता पैदा करने की कोशिश की गई थी.
राष्ट्रपति के बयान के बाद बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी बांग्लादेश के जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन की कड़ी आलोचना की है.
उन्होंने राष्ट्रपति पर पर 5 अगस्त, 2024 की घटनाओं के बारे में जरूरी बातें छिपाने का आरोप लगाया, जिस दिन शेख हसीना ने अपना इस्तीफा दिया था और उन्हें देश से भागने पर मजबूर होना पड़ा था. इसे लेकर जमात ने राष्ट्रपति की कड़ी आलोचना की है और उन पर गलतबयानी करने का आरोप लगाया है.



