Bareilly City Magistrate Suspended: UGC नियमों को लेकर इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री निलंबित, कलेक्ट्रेट पर धरना

Bareilly City Magistrate Suspended: UGC नियमों को लेकर इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री निलंबित, कलेक्ट्रेट पर धरना

उत्तर प्रदेश के बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा इन दिनों सुर्खियों में है. अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफे के पीछे UGC नियम और प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान को वजह बताया है. इस बीच, यूपी सरकार ने तत्काल प्रभाव से अलंकार को सस्पेंड कर दिया है. सरकार ने उनके कदम को अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखते हुए पूरे मामले की जांच बरेली मंडलायुक्त को सौंप दी है.

इस बीच, अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दिया. फिर प्रशासन ने कलेक्ट्रेट गेट खुलवाया, तब वो अंदर गए. उनका आरोप है कि डीएम के मोबाइल पर लखनऊ से आई एक कॉल के दौरान उनके बारे में आपत्तिजनक बातें कही गईं, जिनका वे जवाब चाहते हैं. सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट गेट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है

समर्थन में वकीलों ने की नारेबाजी

स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) की टीम भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. इस प्रदर्शन को कुछ वकीलों का भी समर्थन मिला है, जो मौके पर पहुंचकर उनके पक्ष में खड़े दिखाई दिए. समर्थक अलंकार अग्निहोत्री जिंदाबाद जैसे नारे लगा रहे हैं, वहीं कुछ लोग कथित काला कानून वापस लो के नारे भी लगा रहे हैं.

शंकराचार्य से अलंकार अग्निहोत्री की हुई बात

इससे पहले अलंकार अग्निहोत्री और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच फोन पर बातचीत भी हुई. शंकराचार्य ने उनसे कहा कि एडीएम सिटी जैसे पद तक पहुंचने के लिए वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और कई परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है. ऐसे में अचानक पद छोड़ देना दुखद है, लेकिन उन्होंने सनातन धर्म के प्रति दिखाई गई आस्था और निष्ठा की सराहना भी की.

कानपुर देहात के मूल निवासी अलंकार अग्निहोत्री ने बीटेक और एलएलबी की पढ़ाई की है. वे 26 जनवरी को अपना इस्तीफा सार्वजनिक रूप से सामने लाए थे. उन्होंने यूजीसी के नए नियमों की तुलना रॉलेट एक्ट जैसे दमनकारी कानून से की और प्रयागराज माघ मेले के दौरान हुई कथित घटना से गहरी पीड़ा जताई थी.

अयोध्या और हापुड़ में भी विरोध

अयोध्या में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के संशोधित नियमों के खिलाफ विरोध तेज होता जा रहा है. तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंसाचार्य ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को सवर्ण छात्र-छात्राओं के हितों के विरुद्ध बताते हुए इसे अन्यायपूर्ण करार दिया है. परमहंसाचार्य ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया और नियम वापस नहीं लिए गए, तो वे कठोर कदम उठाने को बाध्य होंगे. उन्होंने इच्छा मृत्यु की मांग तक कर दी है.

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में भी लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. यहां राष्ट्रीय सैनिक संस्था के सदस्यों ने राष्ट्रपति के नाम खून से पत्र लिखकर यूजीसी के खिलाफ अपना विरोध जताया है. नगर पालिका परिषद हापुड़ परिसर में धरना प्रदर्शन चल रहा है. नकारी यूजीसी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और इसे समाप्त करने की मांग दोहरा रहे हैं.