ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिलने के बाद भी क्यों गिराई जा रही है बेंगलुरु की 18 मंजिला इमारत? जानिए पूरा मामला

ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिलने के बाद भी क्यों गिराई जा रही है बेंगलुरु की 18 मंजिला इमारत? जानिए पूरा मामला

आमतौर पर किसी इमारत को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (Occupancy Certificate-OC) मिलने के बाद उसे रहने के लिए सुरक्षित और नियमों के अनुरूप माना जाता है। लेकिन बेंगलुरु में सामने आए एक मामले ने इस धारणा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के HSR लेआउट स्थित SNN Raj Etternia प्रोजेक्ट की 18 मंजिला आवासीय इमारत को OC मिलने के कुछ ही समय बाद गिराने का फैसला लिया गया है।

आखिर क्यों गिराई जा रही है इमारत?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्लैट खरीदारों को हैंडओवर से पहले तकनीकी जांच के दौरान इमारत के एक टॉवर में करीब 200 मिलीमीटर का झुकाव पाया गया। इसके बाद बिल्डर ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरी इमारत को गिराकर दोबारा निर्माण कराने का फैसला लिया।

KRERA ने बताया अनोखा मामला

कर्नाटक रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (KRERA) के चेयरमैन राकेश सिंह के अनुसार, यह देश का अपनी तरह का पहला मामला है, जिसमें ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिलने के बाद किसी बिल्डर ने संरचनात्मक सुरक्षा को देखते हुए स्वयं पूरी इमारत को ध्वस्त कर दोबारा बनाने का निर्णय लिया है।

गलती निर्माण में नहीं, जियोटेक्निकल रिपोर्ट में?

बिल्डर का दावा है कि समस्या निर्माण कार्य में नहीं, बल्कि जियोटेक्निकल (मिट्टी परीक्षण) रिपोर्ट में हुई त्रुटि के कारण पैदा हुई। आरोप है कि बाहरी एजेंसी ने मिट्टी की जांच में गलत रीडिंग दी, जिससे नींव का डिजाइन गलत आधार पर तैयार हुआ। बाद में टॉवर में झुकाव पाया गया।

क्या OC पूरी सुरक्षा की गारंटी देता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट यह प्रमाणित करता है कि भवन स्वीकृत नक्शे, निर्माण नियमों और आवश्यक सुविधाओं के अनुरूप तैयार किया गया है। हालांकि, यह हर परिस्थिति में भविष्य की संरचनात्मक स्थिरता (Structural Stability) या मिट्टी की गुणवत्ता की पूर्ण गारंटी नहीं देता।

OC जारी होने से पहले किन बातों की जांच होती है?

ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी करने से पहले आमतौर पर इन बिंदुओं की जांच की जाती है:

  • भवन स्वीकृत नक्शे के अनुसार बना है या नहीं।
  • ऊंचाई और फ्लोर एरिया नियमानुसार हैं या नहीं।
  • फायर सेफ्टी, लिफ्ट और इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था।
  • पानी, बिजली और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाएं।
  • पर्यावरण और स्थानीय भवन नियमों का पालन।

घर खरीदने वालों के लिए क्या सबक?

विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लैट खरीदते समय केवल ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। खरीदारों को बिल्डर की विश्वसनीयता, परियोजना का रिकॉर्ड, स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट, मिट्टी परीक्षण (Soil Test) और RERA से जुड़ी जानकारी की भी जांच करनी चाहिए। इससे भविष्य में संभावित जोखिमों से बचा जा सकता है।