आज 9 जुलाई 2025 को देशभर में 25 करोड़ से ज्यादा सरकारी कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं। इस ‘भारत बंद’ का आह्वान विभिन्न सरकारी क्षेत्रों के कर्मचारी संगठनों ने किया है। इस हड़ताल से देश में सार्वजनिक सेवाओं पर भारी असर पड़ने की आशंका है। बैंकिंग सेवाएं, आवागमन, और दैनिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं। खासकर पश्चिम बंगाल में इस बंद का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। सिलीगुड़ी में सरकारी बसों का परिचालन ठप हो गया है, तो कोलकाता के जाधवपुर में वामपंथी संगठनों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया है। आइए जानते हैं, इस भारत बंद का देशभर में क्या असर दिख रहा है।
पश्चिम बंगाल में बंद का जोरदार असर
पश्चिम बंगाल में भारत बंद का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिल रहा है। सिलीगुड़ी में सरकारी बसों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोलकाता के जाधवपुर में वामपंथी संगठनों ने पैदल मार्च निकालकर भारत बंद का समर्थन किया। जाधवपुर में एक बस ड्राइवर ने कहा, “ये लोग (हड़ताली) सही बात उठा रहे हैं, लेकिन हमें तो अपना काम करना है। हम मजदूर लोग हैं, इसलिए हम भी बंद का समर्थन करते हैं। सुरक्षा के लिए हमने हेलमेट पहन रखा है, ताकि कोई अनहोनी होने पर बचाव हो सके।” जाधवपुर बस स्टैंड के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, और बस चालकों ने भी एहतियातन हेलमेट पहन रखा है। फिर भी, निजी और सरकारी बसें कुछ हद तक चल रही हैं।
जाधवपुर रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों का हंगामा
जाधवपुर में भारी पुलिस तैनाती के बावजूद वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन में घुस गए। उन्होंने केंद्र सरकार की कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। कुछ जगहों पर छोटे-मोटे आगजनी के मामले भी सामने आए हैं, हालांकि पुलिस ने स्थिति को काबू में रखा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार देते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया। इस दौरान जाधवपुर में तनाव का माहौल रहा, लेकिन हालात अभी नियंत्रण में हैं।
पटना में भी बंद का असर, रेलवे ट्रैक जाम
बिहार की राजधानी पटना में भी भारत बंद का असर देखने को मिला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में सचिवालय हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। इस प्रदर्शन से रेल सेवाएं प्रभावित हुईं और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतरे।
जनजीवन पर भारी असर, क्या है मांग?
इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल कर्मचारी संगठन सरकार से अपनी कई मांगों को लेकर दबाव बना रहे हैं। इनमें कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों को वापस लेने, कर्मचारियों के हितों की रक्षा, और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग शामिल है। इस बंद से न केवल सरकारी सेवाएं, बल्कि बैंकिंग, परिवहन, और अन्य जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। आम लोगों को दैनिक कामकाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भारत बंद का असर देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग रूप में दिख रहा है। जहां पश्चिम बंगाल में सड़कों और रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शन जोरों पर हैं, वहीं अन्य राज्यों में भी हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत की कोई ठोस जानकारी अभी सामने नहीं आई है। लेकिन यह साफ है कि इस हड़ताल ने देशभर में जनजीवन को प्रभावित किया है और सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।



