बिहार विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के शानदार जीत दर्ज करने के बाद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का बयान सामने आया है. उन्होंने इस प्रचंड जीत और भारी समर्थन के लिए राज्य की जनता का आभार जताया और उन्हें धन्यवाद दिया. साथ ही ये भी कहा कि बिहार की जनता ने उनके पिता के 20 सालों से किए कामों का इनाम दिया है.
सोमवार (17 नवंबर) को पत्रकारों से बात करते हुए निशांत कुमार ने कहा ‘मैं एनडीए को इतनी बड़ी जीत दिलाने के लिए बिहार की जनता को धन्यवाद देता हूं‘. उन्होंने कहा ‘ गठबंधन को सकारात्मक नतीजों की उम्मीद थी, लेकिन परिणाम उम्मीदों से बढ़कर रहे हैं. हमारी सरकार बनने जा रही है. जनता का बहुत-बहुत धन्यवाद‘. निशांत ने आगे कहा कि उनके पिता नीतीश कुमार को जनता ने उनके 20 साल के काम का इनाम दिया है. उन्होंने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरे पिता इस भरोसे को बनाए रखेंगे और विकास की प्रक्रिया को जारी रखेंगे.
नीतीश कुमार के बड़े भाई ने की तारीफ
इसके अलावा नीतीश कुमार के बड़े भाई सतीश कुमार ने भी मुख्यमंत्री के काम की सराहना की. उन्होंने कहा ‘ नीतीश कुमार को उनके काम के लिए उपयुक्त जनादेश मिला. उन्होंने सभी के लिए काम किया. उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने में अभूतपूर्व काम किया’.
नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर कही ये बात
नीतीश कुमार के स्वास्थ्य से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए सतीश कुमार ने चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से गलत है. वह रोजाना 10 बैठकें करते हैं. उन्होंने कहा कि अगर वह (नीतीश कुमार) अस्वस्थ होते तो क्या वो इतना काम कर पाएंगे ?. उन्होंने कहा कि एनडीए की ‘सुनामी’ ने बिहार में विपक्षी आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन को धूल चटा दी.
एनडीए ने 202 सीटों पर दर्ज की जीत
बिहार चुनाव में बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, वहीं जनता दल (जेडीयू) 85 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही. सत्तारूढ़ गठबंधन के अन्य सहयोगियों ने भी हाई स्ट्राइक रेट दर्ज किया, जिसमें लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)ने 19 सीटें जीतीं, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चाने 5 सीटें जीतीं, और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने 4 सीटें जीतीं. सत्तारूढ़ एनडीए को 202 सीटें मिलीं, जो 243 सदस्यीय विधानसभा में तीन-चौथाई बहुमत है. यह दूसरी बार है जब एनडीए ने विधानसभा चुनावों में 200 का आंकड़ा पार किया है. 2010 के चुनावों में एनडीए ने 206 सीटें जीती थीं.
35 सीटों पर सिमटा इंडिया महागठबंधन
वहीं आरजेडी और कांग्रेस सहित महागठबंधन के दलों को भारी झटका लगा. महागठबंधन को सिर्फ 35 सीटें मिलीं, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने 25 सीटें, कांग्रेस ने 6, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (लिबरेशन) – सीपीआई (एमएल) (एल) – 2, भारतीय समावेशी पार्टी (आईआईपी) -1 और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) – सीपीआई (एम) ने 1 सीट जीती. इसके अलावा ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने 5 सीटें और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने एक सीट पर जीत दर्ज की.



