बिहार में सत्ता बदलने की उलटी गिनती शुरू, नीतीश कल देंगे इस्तीफा, 15 अप्रैल को नए CM की ताजपोशी

बिहार में सत्ता बदलने की उलटी गिनती शुरू, नीतीश कल देंगे इस्तीफा, 15 अप्रैल को नए CM की ताजपोशी

बिहार की राजनीति एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। लंबे समय तक राज्य की कमान संभालने वाले Nitish Kumar अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने की तैयारी में हैं। मंगलवार को कैबिनेट की आखिरी बैठक के बाद उनका इस्तीफा तय माना जा रहा है। इसके साथ ही राज्य में नए मुख्यमंत्री के चयन और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे लोकभवन में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण होगा, जिसकी तैयारियां प्रशासनिक स्तर पर शुरू हो चुकी हैं।

BJP विधायक दल की बैठक से तय होगा नया चेहरा

नए मुख्यमंत्री के चयन में Bharatiya Janata Party की भूमिका अहम रहने वाली है। मंगलवार को दोपहर 2 बजे पार्टी कार्यालय में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहेंगे। इसी बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जो आगे चलकर मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेगा। इसके बाद शाम 4 बजे National Democratic Alliance की बैठक होगी, जिसमें नीतीश कुमार नए मुख्यमंत्री के नाम का प्रस्ताव रखेंगे।

इस्तीफा, दावा और नई सरकार… एक दिन में पूरी प्रक्रिया

नीतीश कुमार पहले राजभवन जाकर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके बाद एनडीए विधायक दल के नेता के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। यानी एक ही दिन में इस्तीफा, नेतृत्व चयन और सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।

जेडीयू की बैठकों में रणनीति, सत्ता संतुलन पर चर्चा

इस बीच Janata Dal (United) के अंदर भी बैठकों का दौर जारी है। सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें नई सरकार में पार्टी की भूमिका और उपमुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा की गई। Sanjay Kumar Jha, Lalan Singh समेत कई नेताओं ने इस बैठक में हिस्सा लिया।

आखिरी दिन भी सक्रिय, विकास कार्यों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री के रूप में अपने अंतिम दिन भी नीतीश कुमार सक्रिय नजर आए। उन्होंने छपरा के बाकरपुर इलाके में जाकर फोरलेन और पुल निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उनकी यह सक्रियता यह संकेत देती है कि सत्ता परिवर्तन के बावजूद विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने पर जोर रहेगा।

नई सरकार, नई उम्मीदें

बिहार में यह बदलाव केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरणों के पुनर्गठन का संकेत भी है। आम लोगों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई सरकार किस तरह विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों पर काम करती है। अब नजर 15 अप्रैल पर है, जब राज्य को नया मुख्यमंत्री मिलेगा और राजनीति का नया अध्याय शुरू होगा।