जन्मदिन विशेष: अजय सिंह से संन्यासी योगी और फिर सीएम योगी बनने की कहानी

योगी 1998 में गोरखपुर से चुनाव भाजपा प्रत्याशी के तौर पर लड़े थे तब उन्हें बहुत ही कम अंतर से जीत मिली थी, लेकिन उसके बाद हर चुनाव में उनका जीत का अंतर बढ़ता गया। इन सालों के दौरान गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ का वर्चस्व भी बढ़ता गया।

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यहां उनकी कही बात ही समर्थकों के लिए कानून बन जाती थी। यहां तक की होली व दीपावली जैसे त्योहार कब मनाए जाएं इसका ऐलान भी योगी करने लगे। शहर में योगी के नारे लगने लगे “गोरखपुर में रहना है तो योगी योगी कहना है”

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