मायावती का बड़ा ऐलान, नहीं लड़ूंगी लोकसभा चुनाव, गठबंधन की जीत ज्यादा जरूरी

लखनऊ: बीजेपी को मात देने के लिए 23 साल की दुश्मनी भुलाकर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी ने गठबंधन कर लिया. दोनों पार्टियों ने मंगलवार शाम को पार्टी का नया लोगो भी जारी किया. लेकिन इन सब के बीच मायावती ने बुधवार को बड़ी घोषणा कर दी है. मायावती ने कहा कि, मैं लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ूंगी. देश की मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए मैंने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. बता दें, बसपा, सपा और राष्ट्रीय लोकदल यूपी की 80 सीटों पर एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे हैं.

मायावती ने बुधवार को कहा कि, अभी हमारे गठबंधन की स्थिति अच्छी है, फिलहाल लोकसभा का चुनाव नहीं लडूंगी. मायावती ने कहा कि अगर चुनाव के बाद कोई स्थिति बनती है तो मैं किसी भी सीट को खाली कराकर चुनाव लड़ सकती हूं और जीत भी सकती हूं. उन्होंने कहा कि बसपा के आंदोलन के खिलाफ विरोधी कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं.

मायावती ने कहा कि, मेरे जीतने से ज्यादा जरूरी, हमारे गठबंधन का जीतना है. उन्होंने कहा कि, कभी कभी पार्टी के हित में ऐसे कठिन फैसल लेने पड़ते हैं. उन्होंने कहा कि देश की मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए मैंने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया. अगर बाद में जरूरत पड़ी तो मैं चुनाव लड़कर संसद पहुंच सकती हूं. मुझे भरोसा है कि, मेरी पार्टी के लोग मेरे द्वारा लिए गए फैसले को जरूर समझेंगे.

आपको बता दें कि अभी तक अटकलें बसपा प्रमुख मायावती यूपी की नगीना, अंबेडकरनगर और बिजनौर में से किसी एक सीट से लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं. लेकिन बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेस कर उन्होंने सभी अटकलों पर विराम लगा दिया. मायावती ने बताया कि फिलहाल वह महागठबंधन के लिए होने वाले चुनाव कैंपेन के लिए तैयारी कर रही हैं. दरअसल, सपा और बसपा की पहली संयुक्त रैली सहारनपुर में होगी जहां वह अपनी पार्टी के लिए वोट मांगने जाएंगी.