वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वीं बार देश का यूनियन बजट पेश किया. केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने करीब डेढ़ घंटे के भाषण में कई सारे ऐलान किए. उन्होंने स्वास्थ्य-शिक्षा से लेकर इंफ्रा तक कई सारे ऐलान किए. सरकार ने कई चीजें पर टैक्स बढ़ाए भी और कम भी. देश भर को रेल से जोड़ने वाली रेल परियाजनाओं की भी घोषणी की. लेकिन बजट के डेटा में एक आंकड़ा ऐसा भी आया जिससे यह संकेत मिल रहा है कि शायद रेलवे आने वाले दिनों में रेल टिकट बढ़ा सकता है? आइए इसके बारे में डिटेल से समझने की कोशिश करते हैं.
पहले देश का रेल बजट और आम बजट अलग-अलग होता था. लेकिन अब यह एक ही में आता है. रेलवे को बजट का सहोदर माना जाता है. इस बार भी रेलवे के साथ-साथ इंफ्रा को कुल कैपेक्स का करीब 47 फीसदी बजट दिया गया है. सरकार ने बजट में बताया कि रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में पैसेंजर्स से मिलने वाले रिसिप्ट से 80 हजार करोड़ रुपये कमाए हैं. वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष में 87 हजार करोड़ रुपये कमाने का अनुमान है. ऐसे में यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि सरकार आने वाले दिनों में रेल टिकट के दाम में बढ़ोतरी कर सकती है. हालांकि, यह सिर्फ अनुमान भर है. टिकट के दाम बढ़ेंगे या नहीं इसका फैसला अंतिम रूप से रेलवे ही करेगा. मिसाल के तौर पर जनरल बोगी का टिकट बढ़ेगा या स्लीपर का यह सब रेलवे ही तय करेगा.


