एक्जिट पोल में तीसरी बार मोदी सरकार बनते देख झूमे निवेशक, शेयर बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 2000 और निफ्टी में 1000 अंक की तेजी; डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूत

एक्जिट पोल में तीसरी बार मोदी सरकार बनते देख झूमे निवेशक, शेयर बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 2000 और निफ्टी में 1000 अंक की तेजी; डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूत

मुंबई। एक्जिट पोल के नतीजों में तीसरी बार मोदी सरकार बनने की संभावना देखते हुए शेयर बाजार आज खुलते ही जबरदस्त उछाल ले गया। सेंसेक्स में 2000 और निफ्टी में 1000 अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। आईआरसीटीसी, अडानी पावर, बीपीसीएल और एचडीएफसी बैंक के शेयर में काफी उछाल देखने को मिला। इससे पहले बीते शुक्रवार को सेंसेक्स 73961.31 और निफ्टी 22530.70 अंक पर बंद हुआ था। अब तक सेंसेक्स का सबसे ऊंचा स्तर 76.009.68 और निफ्टी का 52 हफ्ते का हाई 23110.80 अंक का रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपया भी 42 पैसे ऊपर खुला है।

जितने भी एक्जिट पोल के नतीजे आए हैं, उन सभी में ये अनुमान लगाया गया है कि तीसरी बार भी केंद्र में मोदी सरकार बनने जा रही है। तीन एक्जिट पोल ने तो ये दावा भी किया है कि एनडीए को 400 पार का आंकड़ा मिल जाएगा। एक्जिट पोल के इन्हीं नतीजों की वजह से शनिवार और रविवार को बंद रहने के बाद सोमवार को शेयर बाजार खुलते ही निवेशकों ने कारोबार में बहुत रुचि दिखाई। दरअसल, बीजेपी की सरकार को इन्वेस्टर्स फ्रेंडली माना जाता है। मोदी सरकार के दौर में शेयर बाजार लगातार अच्छा प्रदर्शन करता रहा है। ऐसे में निवेशकों को उम्मीद है कि तीसरी बार फिर केंद्र में मोदी सरकार बनने पर निवेश के लिए और प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसी उम्मीद में शेयर बाजार में सोमवार को तेजी का दौर शुरू से ही दिखा।

बता दें कि खुद पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में ये कहा था कि शेयर खरीदकर रख लें, क्योंकि तीसरी बार केंद्र में बीजेपी की सरकार बनते ही शेयर बाजार बहुत शानदार प्रदर्शन करने वाला है। पीएम मोदी और शाह की ये सलाह निवेशकों के लिए उत्साह की वजह बनती दिख रही है। माना जा रहा है कि अगर एक्जिट पोल के मुताबिक ही 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे आए, तो शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी और ऊंची छलांग लगा सकते हैं। बता दें कि मोदी सरकार के 10 साल के कार्यकाल में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी शेयर बाजार में काफी पैसा लगाया। हालांकि, लोकसभा चुनाव के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शेयर बाजार में अपना काफी निवेश कम भी किया, लेकिन मोदी सरकार अगर तीसरी बार भी केंद्र की सत्ता पर काबिज होती है, तो विदेशी निवेशकों के भी बाजार में और तगड़ा पैसा लगने की उम्मीद है।