मणिपुर के एक साधारण परिवार से आने वाले युवक की संघर्ष और सफलता की कहानी इन दिनों चर्चा में है। कभी दिहाड़ी मजदूरी कर ईंटें ढोकर परिवार का गुजारा करने वाले लैशराम अबुंगसाना सिंह ने अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में कांस्टेबल बनकर एक नई पहचान हासिल की है। उन्होंने एसएससी जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पास कर यह साबित कर दिया कि आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी बड़े सपनों की राह नहीं रोक सकती।
इंफाल वेस्ट के रहने वाले अबुंगसाना की यह उपलब्धि सिर्फ एक सरकारी नौकरी हासिल करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने भविष्य को बेहतर बनाने का सपना देखते हैं।
मजदूरी से लेकर वर्दी तक का सफर, जिसने बदल दी जिंदगी
लैशराम अबुंगसाना सिंह का बचपन और युवावस्था आर्थिक चुनौतियों के बीच बीती। परिवार की मदद के लिए उन्हें मजदूरी करनी पड़ी और कई बार ईंटें ढोने जैसे कठिन काम भी करने पड़े। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने भीतर सरकारी नौकरी पाने का सपना जिंदा रखा।
बेहतर अवसर की तलाश में उन्होंने असम राइफल्स स्किल डेवलपमेंट सेंटर, इंफाल का रुख किया। यहीं से उनके जीवन की दिशा बदलनी शुरू हुई। प्रशिक्षण केंद्र ने उन्हें न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई, बल्कि अनुशासन, शारीरिक दक्षता और आत्मविश्वास भी दिया।
कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने एसएससी जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल कर ली और CISF में चयनित हो गए।
असम राइफल्स की पहल बनी सफलता की सीढ़ी
असम राइफल्स और होमलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटी मैनेजमेंट द्वारा संचालित स्किल डेवलपमेंट सेंटर युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देने का काम कर रहा है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए यह केंद्र एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर उभरा है।
अधिकारियों के अनुसार, यह पहल युवाओं को सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और निजी क्षेत्र में रोजगार के लिए तैयार करती है। अब तक 600 से अधिक युवाओं को इस कार्यक्रम के माध्यम से 100 प्रतिशत प्लेसमेंट दिलाया जा चुका है।
अबुंगसाना की सफलता इसी प्रयास का एक मजबूत उदाहरण मानी जा रही है।
मध्य प्रदेश में ले रहे हैं प्रशिक्षण
सीआईएसएफ में चयन के बाद लैशराम अबुंगसाना सिंह वर्तमान में मध्य प्रदेश के आरटीसी बरवाहा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वह देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक और रणनीतिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाएंगे।
उनकी सफलता से परिवार, मित्र और स्थानीय समुदाय में खुशी का माहौल है। कई युवाओं ने भी उनकी कहानी से प्रेरणा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू करने की बात कही है।
SSC GD उम्मीदवारों के लिए भी अहम अपडेट
इधर, एसएससी जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 में शामिल उम्मीदवारों के लिए भी महत्वपूर्ण खबर आई है। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने लगभग 25,500 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी है।
उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी रिस्पॉन्स शीट और प्रश्न पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। यदि किसी प्रश्न या उत्तर को लेकर आपत्ति है तो 20 जून 2026 शाम 6 बजे तक निर्धारित प्रक्रिया के तहत चुनौती दर्ज कराई जा सकती है।
लैशराम अबुंगसाना सिंह की कहानी यह याद दिलाती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, सही दिशा, मेहनत और अवसर मिल जाए तो सफलता का रास्ता बनाया जा सकता है। मणिपुर के इस युवक ने संघर्ष को अपनी ताकत बनाया और आज वह लाखों युवाओं के लिए उम्मीद का चेहरा बन चुके हैं।



