NEET-UG 2024 और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। शुक्रवार को एक ओर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर धरने पर डटे रहे, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही भी प्रभावित हुई।
‘इस्तीफे तक जारी रहेगा धरना’ : CJP
जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक संगठन का धरना जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें राहत है कि सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से अधिक समय तक चले अपने अनशन को समाप्त कर दिया है। दिपके के अनुसार, प्रस्तावित सरकारी बैठक किसी तटस्थ स्थान (Neutral Venue) पर हो सकती है, लेकिन उनकी मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से कम पर स्वीकार नहीं होगी।
संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष सहित कई विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने छात्रों के समर्थन में नारे लगाए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। सीपीआई (एम) के सांसद जॉन ब्रिटास ने भी सरकार की आलोचना करते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की। वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि समस्या की जड़ पर ध्यान दिए बिना समाधान संभव नहीं है।
हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही प्रभावित
विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के कारण शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित रही। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने सबसे पहले कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए सदन में मौन रखने का आग्रह किया। इसके बाद विपक्षी सदस्य छात्रों के प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और NEET मुद्दे को लेकर नारेबाजी करने लगे।
ओम बिरला ने विपक्ष से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की और आश्वासन दिया कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद नियमों के तहत चर्चा की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, हंगामा जारी रहने पर लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी इसी तरह का गतिरोध देखने को मिला।
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच जारी है गतिरोध
सरकार और आंदोलनकारी संगठन CJP दोनों ने बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन बैठक के स्थान और अन्य शर्तों को लेकर अभी सहमति नहीं बन सकी है। जहां सरकार ने पहले CJP प्रतिनिधियों को वार्ता का निमंत्रण दिया था, वहीं संगठन ने कहा है कि बातचीत केवल किसी तटस्थ स्थान या जंतर-मंतर पर ही होनी चाहिए। ऐसे में फिलहाल आंदोलन और राजनीतिक टकराव दोनों जारी हैं।



