देशभर में 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी यानी दशहरे का त्योहार उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक यह पर्व लोगों को सही रास्ते पर चलने और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का संदेश देता है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई प्रमुख नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने अपने संदेशों में सुख-समृद्धि, सफलता, सामाजिक सद्भाव और सकारात्मक संकल्प की कामना की। देश के अलग-अलग हिस्सों में त्योहार को लेकर उत्साह है और कई स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
PM मोदी ने विजयादशमी पर क्या संदेश दिया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पर्व को उल्लास और विश्वास से जुड़ा अवसर बताते हुए कामना की कि यह त्योहार हर व्यक्ति के संकल्प को नई ताकत दे।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में सभी के जीवन में सुख, सौभाग्य और सफलता आने की कामना की। उनके संदेश का मुख्य भाव यही रहा कि विजयादशमी का उत्सव लोगों को नई ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे।
दशहरा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है। यह लोगों को अपने जीवन में बुराइयों से दूर रहने, कठिन परिस्थितियों में हिम्मत बनाए रखने और सही फैसले लेने की सीख भी देता है। ऐसे में प्रधानमंत्री का संदेश त्योहार की इसी भावना से जुड़ा रहा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश-विदेश के भारतीयों को दी बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में भारत और विदेशों में रहने वाले सभी भारतीयों को हार्दिक बधाई दी।
राष्ट्रपति की शुभकामनाएं ऐसे समय आई हैं, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग अपनी परंपराओं के अनुसार दशहरा मना रहे हैं। कई परिवारों में पूजा-पाठ की तैयारियां होती हैं, तो कई स्थानों पर मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
विजयादशमी भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान रखती है। यह पर्व लोगों को याद दिलाता है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सत्य और धर्म के रास्ते पर बने रहना महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति के संदेश में देश और विदेश में रह रहे भारतीयों को इस उत्सव से जोड़ने का भाव दिखाई दिया।
उपराष्ट्रपति और राजनाथ सिंह ने सद्भाव और समृद्धि की कामना की
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी दशहरा और विजयादशमी के मौके पर देशवासियों के साथ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले भारतीय समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में सभी के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विजयादशमी को अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार भारत की आस्था, सभ्यता और सांस्कृतिक परंपराओं से गहराई से जुड़ा है।
राजनाथ सिंह ने ईश्वर से प्रार्थना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने समाज में सद्भाव और आपसी सौहार्द बढ़ने की भी कामना की।
इन संदेशों में एक साझा भावना नजर आती है। त्योहार की खुशी तभी सार्थक होती है, जब उसका सकारात्मक प्रभाव परिवार और समाज के जीवन में भी दिखाई दे। आपसी सम्मान, शांति और सहयोग जैसे मूल्यों को मजबूत करना इस पर्व की भावना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आखिर क्यों मनाया जाता है दशहरा, क्या है रावण दहन का महत्व?
विजयादशमी को आम तौर पर दशहरा भी कहा जाता है। यह पर्व शारदीय नवरात्रि के समापन पर मनाया जाता है और भारतीय परंपरा में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।
रामायण की परंपरा के अनुसार, इस दिन भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी। इसी स्मृति में देश के कई हिस्सों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों में इस पर्व को मनाने के तरीके और स्थानीय परंपराएं भी अलग हो सकती हैं।
दशहरे का संदेश आज के जीवन में भी प्रासंगिक है। यह पर्व लोगों को अहंकार, अन्याय और गलत आचरण से दूर रहने तथा सत्य और नैतिकता का साथ देने की प्रेरणा देता है।
इस साल भी देशभर में विजयादशमी को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ नेताओं तक ने लोगों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की है। त्योहार का यही संदेश है कि व्यक्तिगत जीवन से लेकर समाज तक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत अपने व्यवहार और संकल्प से की जा सकती है।


