ई-रिक्शा हैकिंग का खतरा बढ़ा! UP से उत्तराखंड और मध्य प्रदेश तक सामने आए मामले, ऐप से बैटरी लॉक करने का आरोप

ई-रिक्शा हैकिंग का खतरा बढ़ा! UP से उत्तराखंड और मध्य प्रदेश तक सामने आए मामले, ऐप से बैटरी लॉक करने का आरोप

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में ई-रिक्शा चालकों के सामने एक नई तकनीकी समस्या उभरकर सामने आई है। उत्तर प्रदेश के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और बिजनौर से शुरू हुई शिकायतें अब उत्तराखंड और मध्य प्रदेश तक पहुंच गई हैं। कई ई-रिक्शा चालकों का आरोप है कि कुछ लोग मोबाइल ऐप के जरिए उनके वाहनों की लिथियम बैटरी के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से छेड़छाड़ कर ई-रिक्शा को अचानक बंद कर देते हैं और फिर उसे चालू कराने के नाम पर पैसे वसूलते हैं।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई चालकों ने शिकायत की है कि चलते-चलते उनके ई-रिक्शे अचानक बंद हो जाते हैं। वहीं बिजनौर जिले के नगीना, किरतपुर और अन्य क्षेत्रों में 100 से अधिक ई-रिक्शों के अचानक लॉक होने की शिकायतें सामने आई हैं। कुछ चालकों का आरोप है कि वाहन दोबारा चालू करने के बदले 200 से 300 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इस संबंध में पुलिस को शिकायतें भी दी गई हैं।

उत्तराखंड के काशीपुर और रामनगर में भी ई-रिक्शा चालकों ने इसी तरह की घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन किया है। उनका कहना है कि अचानक वाहन बंद होने से सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है। उधर, मध्य प्रदेश के उज्जैन में भी पुलिस कथित हाईटेक ठगी के एक ऐसे मामले की जांच कर रही है, जिसमें मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा बंद कर पैसे वसूलने के आरोप लगे हैं।

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया पर चर्चित BAT-BMS नामक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कुछ स्मार्ट लिथियम बैटरियों के ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) तक पहुंचने के लिए किए जाने के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह पुष्टि नहीं हुई है कि सभी मामलों में यही तकनीक इस्तेमाल की गई है। हर बैटरी का सुरक्षा तंत्र अलग होता है और सभी बैटरियों को इस तरीके से नियंत्रित करना संभव नहीं होता।

लगातार बढ़ती शिकायतों के बीच ई-रिक्शा चालक संगठनों ने प्रशासन, साइबर सेल और परिवहन विभाग से मामले की गहन जांच कराने, बैटरी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।