चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान: दिल्ली, पंजाब और कर्नाटक समेत 19 राज्यों में शुरू होगा वोटर लिस्ट का तीसरा विशेष पुनरीक्षण

चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान: दिल्ली, पंजाब और कर्नाटक समेत 19 राज्यों में शुरू होगा वोटर लिस्ट का तीसरा विशेष पुनरीक्षण

चुनाव आयोग ने गुरुवार को वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। इस चरण में दिल्ली, पंजाब, कर्नाटक समेत कुल 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जनगणना की हाउस लिस्टिंग के साथ तालमेल रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है।

दिल्ली में अंतिम वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर को जारी की जाएगी। यह खबर उन करोड़ों मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने वोटिंग अधिकार को लेकर चिंतित रहते हैं। सही और स्वच्छ वोटर लिस्ट लोकतंत्र की नींव है, जिससे चुनावों की विश्वसनीयता बढ़ती है।

किन राज्यों में होगा तीसरा चरण?

SIR के तीसरे चरण में हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को फिलहाल छोड़ दिया गया है। इन तीनों जगहों पर मौसम और जनगणना के दूसरे चरण के पूरा होने के बाद अलग से कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।

इस चरण में शामिल प्रमुख राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं: दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मणिपुर, नागालैंड, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना, उत्तराखंड, चंडीगढ़, दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव।

पहले दो चरणों में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 59 करोड़ मतदाताओं को कवर किया जा चुका है।

4 लाख BLO घर-घर जाएंगे, राजनीतिक दलों की भी पूरी भागीदारी

इस अभियान के दौरान करीब 3.94 लाख बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर 36.73 करोड़ वोटर्स से संपर्क करेंगे। राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी इस प्रक्रिया में मदद करेंगे।

चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे हर पोलिंग बूथ पर BLA नियुक्त करें। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित होगी। SIR एक समावेशी प्रक्रिया है जिसमें वोटर, राजनीतिक दल और चुनाव अधिकारी सभी शामिल होते हैं।

क्यों जरूरी है वोटर लिस्ट का गहन पुनरीक्षण?

वर्तमान में देशभर में वोटर लिस्ट को और अधिक शुद्ध और जीवंत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। SIR के जरिए गलत नाम हटाए जाएंगे, नए योग्य वोटर्स जुड़ेंगे और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे।

यह प्रक्रिया लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। खासकर दिल्ली जैसे बड़े राज्य में जहां आबादी तेजी से बदल रही है, सही वोटर लिस्ट से चुनावी प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय बनेगी।

चुनाव आयोग का यह अभियान दिखाता है कि मतदाता सूची को अपडेट रखना कितना जरूरी है। आम नागरिकों से अपील है कि जब BLO उनके घर आएं तो वे पूरा सहयोग करें और अपनी जानकारी सही-सही दें। इससे न सिर्फ उनकी वोटिंग अधिकारिता बनी रहेगी, बल्कि पूरे चुनावी सिस्टम की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।