कर्मचारी भविष्य निधि प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों के लिए काफी बड़ा सहारा है. इसलिए इसमें किसी भी अपडेट का असर देश के करोड़ों कर्मचारियों पर सीधा पड़ता है. अभी बीते कई दिनों से सोशल मीडिया और अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा किया जा रहा था कि सरकार पीएफ पर ब्याज को बढ़ाकर 10 फीसदी कर सकती है. जो ब्याज अभी कर्मचारियों को 8.25 प्रतिशत मिलता है उसे बढ़ाया जा सकता है मगर इन सभी खबरों पर खुद सरकार ने जबाव दिया है.
संसद में लिखित बयान के जरिए सरकार की ओर से कहा गया है कि अभी ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. यानी पीएफ पर ब्याज बढ़ाने का इरादा फिलहाल अभी सरकार का नहीं है. सरकार ने ब्याज बढ़ाने पर कहा कि पीएफ पर ब्याज कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की ओर से तय किया जाता है. इसके अलावा सरकार का कहना है कि मौजूदा दरें अन्य बचत योजनाओं के मुकाबले अब भी आकर्षक और सुरक्षित बनी हुई हैं.


