पुष्पा वाले TMC नेता जहांगीर खान ने फलता सीट छोड़ी, पुनर्मतदान से ठीक पहले बड़ा उलटफेर

पुष्पा वाले TMC नेता जहांगीर खान ने फलता सीट छोड़ी, पुनर्मतदान से ठीक पहले बड़ा उलटफेर

पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान से महज दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से पीछे हटने का फैसला कर लिया है। नाम वापस लेते हुए उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया, लेकिन उनका यह कदम पूरे राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बन गया है।

जहांगीर खान ने नाम वापसी का ऐलान करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री फलता के विकास के लिए विशेष पैकेज ला रहे हैं, इसलिए इलाके के लोगों के हित में उन्होंने पुनर्निर्वाचन से अपना नाम वापस ले लिया। यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि जहांगीर खान हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान काफी सुर्खियों में रहे थे।

‘सिंघम’ बनाम ‘पुष्पा’ वाली बहस की गूंज

चुनाव के दौरान जहांगीर खान ने यूपी के चर्चित आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को लेकर विवादास्पद बयान दिया था। अधिकारी को ऑब्जर्वर की भूमिका में तैनात किए जाने पर जहांगीर ने कहा था, “यह बंगाल है, अगर वह सिंघम हैं तो मैं पुष्पा हूं।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और पूरे राज्य में चर्चा में रहा।

इसके बाद बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी जहांगीर खान पर तीखा हमला बोला था। शुभेंदु ने कहा था कि “पुष्पा अब मेरी जिम्मेदारी है” और उन्होंने जहांगीर को कुख्यात अपराधी करार देते हुए व्यक्तिगत रूप से मामले को देखने की बात कही थी। इन घटनाक्रमों के बीच जहांगीर खान का नाम वापस लेना कई सवाल खड़े कर रहा है।

फलता की अहमियत और शुभेंदु का रोड शो

फलता सीट डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जहां TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी सांसद हैं। इस सीट पर पुनर्मतदान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह क्षेत्र अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है। दिलचस्प बात यह है कि चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी या जहांगीर खान ने खुद इस क्षेत्र में कोई बड़ी रैली नहीं की थी।

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार 19 मई को फलता में जोरदार रोड शो किया। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार देबांशु पांडा के समर्थन में खुली गाड़ी से पूरे इलाके का दौरा किया। बीजेपी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखा। सड़कों पर जय श्री राम के नारे गूंजे और समर्थकों ने फूलों की बरसात की।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पिछले दस सालों में TMC समर्थित गुंडों की वजह से कई लोग स्वतंत्र रूप से वोट नहीं डाल पाए थे। अब बीजेपी सरकार बनने के बाद उन्हें उम्मीद जगी है कि स्थिति बदलेगी।

राज्य राजनीति में नया दौर

याद रहे कि हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। 294 सीटों में से 207 पर कब्जा करते हुए पार्टी ने TMC के 15 साल के शासन का अंत किया। 9 मई को शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

जहांगीर खान का यह फैसला फलता जैसे हाई प्रोफाइल क्षेत्र में बीजेपी के लिए और मजबूती दे सकता है। आम मतदाता अब देखना चाहते हैं कि पुनर्मतदान में क्या नतीजा आता है और नई सरकार क्षेत्र के विकास के लिए कितना काम करती है। फलता के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि राजनीतिक उथल-पुथल के बीच उनका इलाका विकास की मुख्यधारा में आएगा।