फॉक्सकॉन के सीईओ यंग लियू बने पद्म भूषण पाने वाले पहले विदेशी, जानिए उन्हें क्यों मिला यह सम्मान?

फॉक्सकॉन के सीईओ यंग लियू  बने पद्म भूषण पाने वाले पहले विदेशी, जानिए उन्हें क्यों मिला यह सम्मान?

गुरुवार की रात पद्म पुरस्कारों की घोषणा हो गई है। पद्म पुरस्कार भारत में दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मान में से एक है। इस साल 132 लोगों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है और लिस्ट में अलग-अलग क्षेत्रों से कई ऐसे नाम हैं जिन्होंने अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम किया है। पर पद्म पुरस्कार पाने वालों की इस लिस्ट में एक ऐसा नाम भी है जिसके बारे में शायद ही किसी ने सोचा होगा। यह नाम है यंग लियू  का, जो भारतीय भी नहीं है। लियू को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है।

पद्म भूषण मिलने के साथ ही लियू पहले विदेशी बन गए हैं जिन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। लियू ताइवान  की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी फॉक्सकॉन  के सीईओ और चेयरमैन हैं। लियू को पद्म भूषण मिलने पर मन में सवाल आना लाज़िमी है कि उन्हें यह पुरस्कार क्यों दिया गया?

दरअसल फॉक्सकॉन ने दक्षिण भारत में मैन्युफैक्चरिंग में भारी निवेश करके पिछले साल भारत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। फॉक्सकॉन के भारत में निवेश की वजह से देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूती तो मिली है ही, साथ ही इसका विकास भी हुआ है।

साथ ही इससे रोजगार के कई अवसर भी पैदा हुए हैं। तमिलनाडु में फॉक्सकॉन की वजह से करीब 40 हज़ार लोगों को नौकरी मिली हैं। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मज़बूती देने और इसके विकास को सही दिशा और गति से बढ़ाने के लिए ही लियू को पद्मा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

लियू की फॉक्सकॉन ताइवान स्थित फॉक्सकॉन कंपनी चीन से हटकर काम कर रही है। यह कंपनी दुनियाभर के लगभग 70% आईफोन असेंबल करती है और दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है।