गंगा एक्सप्रेस-वे पर फ्री सफर आज आखिरी रात, कल से शुरू होगा टोल: जानें नई दरें और पूरा हिसाब

गंगा एक्सप्रेस-वे पर फ्री सफर आज आखिरी रात, कल से शुरू होगा टोल: जानें नई दरें और पूरा हिसाब

उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे पर मुफ्त यात्रा का आनंद ले रहे वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव आ रहा है। 15 दिनों की फ्री राइड की समय सीमा गुरुवार, 14 मई की आधी रात को खत्म हो रही है। इसके बाद से यूपीडा टोल वसूली शुरू कर देगा।

594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज तक जाता है। रोजाना 12 से 14 हजार वाहन इस मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब यात्रियों को तय दूरी के हिसाब से टोल चुकाना होगा। आम पाठक के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि इससे लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज जैसे शहरों के बीच यात्रा का खर्चा सीधे प्रभावित होगा। तेज रफ्तार और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ अब आर्थिक हिसाब भी जोड़ना पड़ेगा।

एग्जिट पर टोल, MLFF तकनीक: कैसे काम करेगा नया सिस्टम

गंगा एक्सप्रेस-वे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां एंट्री के समय नहीं, बल्कि निकास (एग्जिट) के समय टोल वसूला जाएगा। यानी जितनी दूरी तय करेंगे, उतना ही भुगतान। यह व्यवस्था वाहन चालकों को अनावश्यक पूरे रूट का टोल देने से बचाएगी।

टोल वसूली के लिए अत्याधुनिक मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। हाई-टेक कैमरे और सेंसर्स दौड़ते वाहनों को स्कैन करेंगे। वर्तमान में निकास पर टोल बूथ से गुजरना होगा, लेकिन भविष्य में इसे पूरी तरह फ्री फ्लो बनाने की योजना है। पूरा सिस्टम FASTag पर आधारित है, जिससे यात्रा सुविधाजनक बनी रहेगी।

आईआरबी और अडानी के बीच टोल बंटवारा, कितना लगेगा खर्च?

इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण दो प्रमुख कंपनियों ने किया है। मेरठ परिक्षेत्र का एक तिहाई हिस्सा आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स लिमिटेड ने बनाया है, जबकि बाकी दो तिहाई हिस्सा अडानी ग्रुप का है। टोल एक बार कटेगा और सॉफ्टवेयर के जरिए दोनों कंपनियों को उनकी हिस्सेदारी के अनुसार पैसा स्वतः पहुंच जाएगा।

संभावित टोल दरें इस प्रकार हैं:

  • कार/जीप: 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर
  • मेरठ से प्रयागराज पूरा सफर: 1515 रुपये (संशोधन के बाद 1800 रुपये तक संभव)
  • बस/ट्रक: 8.20 रुपये प्रति किलोमीटर (पूरी दूरी पर 5700 रुपये या उससे अधिक)

दोपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना लग सकता है। मेरठ से प्रयागराज के बीच कुल 12 टोल प्लाजा बनाए गए हैं।

यात्रियों के लिए सुविधा और सावधानी

यूपीडा ने सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर टोल दरों की सूची लगा दी है। आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर के अधिकारियों के अनुसार, यात्री सिर्फ तय की गई वास्तविक दूरी का भुगतान करेंगे। 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड लिमिट के साथ यह एक्सप्रेस-वे पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी को बेहतर जोड़ने वाला साबित हो रहा है।

टोल शुरू होने के बाद यात्रा की लागत बढ़ेगी, लेकिन समय की बचत और सुरक्षा के फायदे भी कम नहीं हैं। वाहन चालकों को सलाह है कि FASTag को पहले से रिचार्ज रखें और नियमों का पालन करें। गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश की इंफ्रास्ट्रक्चर विकास यात्रा का एक बड़ा हिस्सा है, जिसका असर रोजमर्रा की यात्रा और व्यापार दोनों पर पड़ेगा।