लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। हादसे से सबक लेते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) और फायर विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। अभियान के पहले ही दिन बिना फायर एनओसी (NOC) के संचालित 62 कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया, जबकि 35 अन्य संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब लखनऊ में कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता न हो।
पहले दिन ही बड़ा अभियान, 62 संस्थान सील
अधिकारियों के मुताबिक, गाजियाबाद में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान उन कोचिंग संस्थानों की जांच की गई जो बहुमंजिला इमारतों में संचालित हो रहे थे। जांच में कई संस्थान ऐसे मिले जहां फायर सेफ्टी के जरूरी इंतजाम नहीं थे या फायर एनओसी ही नहीं ली गई थी।
नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जीडीए ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 62 कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया।
फायर विभाग ने जारी किए 35 नोटिस
जांच के दौरान कई ऐसे संस्थान भी मिले जहां सुरक्षा मानकों में कमियां पाई गईं। फायर विभाग ने ऐसे 35 संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने साफ किया है कि यदि निर्धारित समय में नियमों का पालन नहीं किया गया तो इनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ हादसे के बाद बढ़ी सख्ती
हाल ही में लखनऊ के एक व्यावसायिक भवन में हुए भीषण अग्निकांड में कई लोगों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद प्रदेशभर में कोचिंग सेंटरों, शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी गई है।
प्रशासन का मानना है कि बड़ी संख्या में छात्र रोजाना इन संस्थानों में आते हैं, इसलिए फायर सेफ्टी मानकों का पालन अनिवार्य है।
पूरे प्रदेश में चल सकता है अभियान
अधिकारियों के संकेत हैं कि यह कार्रवाई केवल गाजियाबाद तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी कोचिंग सेंटरों, स्कूलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच तेज की जा सकती है।
प्रशासन ने संस्थान संचालकों से अपील की है कि वे फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण और अन्य सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।


