बेतवा नदी पर निर्माणाधीन सेतु के एक हिस्से के गिरने की दुर्घटना ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सेतु निगम की ओर से दो अलग-अलग उच्चस्तरीय जांच समितियां गठित कर दी गई हैं, जो घटना के हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं।
यह हादसा उन परिवारों के लिए बेहद दर्दनाक है जिन्होंने अपने आर्थिक आधार खो दिए। ऐसे में सरकार की संवेदनशीलता और दोषियों पर कार्रवाई का ऐलान आम नागरिकों को न्याय मिलने की उम्मीद जगाता है।
दो समितियां शुरू कर चुकी हैं जांच
जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि जिला प्रशासन की तीन सदस्यीय समिति घटना से जुड़े प्रशासनिक, तकनीकी और प्रक्रियात्मक सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इस समिति की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) कर रहे हैं। समिति के सदस्यों ने पहले ही घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है और साक्ष्य जुटाने का काम तेजी से चल रहा है।
दूसरी समिति उत्तर प्रदेश सेतु निगम की ओर से गठित की गई है। दोनों समितियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं और जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।
कानूनी कार्रवाई और मुआवजे का ऐलान
दुर्घटना के तुरंत बाद थाना कुरारा में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) और 125(ए) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच पूरी होने के बाद दोनों समितियों की रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों या कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने मृतक छह श्रमिकों के परिजनों को तत्काल राहत पहुंचाई है। प्रत्येक परिवार को शासन की ओर से 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जा चुकी है। निर्माण एजेंसी मेसर्स शेल्टर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने भी हर मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता प्रदान की है। इसके अलावा श्रम विभाग की योजनाओं के तहत 1.25 लाख रुपये प्रति परिवार दिए जा रहे हैं।
पीड़ित परिवारों को योजनाओं का लाभ
प्रशासन केवल मुआवजे तक सीमित नहीं रह रहा है। प्रभावित परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। दो परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का लाभ मिल रहा है। दिवंगत राजेश पाल की पत्नी अनीता और पुष्पेंद्र सिंह चौहान के पिता राजेंद्र सिंह को इस योजना से जोड़ा गया है।
राजेंद्र सिंह को वृद्धावस्था पेंशन और अनीता को निराश्रित महिला पेंशन योजना का लाभ देने की प्रक्रिया चल रही है। दिवंगत राजेश पाल की दो बेटियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत प्रतिमाह 2500 रुपये की सहायता 18 वर्ष की आयु तक दी जाएगी।
इसके अलावा पात्र परिवारों को अंत्योदय राशन कार्ड, आवास योजना, स्वच्छ शौचालय जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रशासन की प्रतिबद्धता: गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं
जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने कहा कि जनपद प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ा है। सभी पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साफ संदेश है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों पर कोई妥协 नहीं बरता जाएगा। इस हादसे से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना निर्माण क्षेत्र में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ रही है। आम लोगों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों को सजा मिलेगी, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।


