भड़काऊ भाषण के मामलों पर हाईकोर्ट में सुनवाई, कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने नफरत फैलाने वालै भाषणों को लेकर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी, उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी, पूर्व विधायक वारिस पठान और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग वाली याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई की। अदालत ने इसपर केंद्र, दिल्ली सरकार और पुलिस से जवाब मांगते हुए नोटिस जारी किया है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि हिंसा के पीछे किसी विशेष संगठन का हाथ है।

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हिंसा भड़काने के आरोप में अमानतुल्लाह खान, स्वरा भास्कर के खिलाफ कार्रवाई और एनआईए से जांच कराने वाली याचिरा पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकारो को नोटिस जारी किया है।

बता दें कि हिंदू सेना की ओर से हाईकोर्ट से दायर याचिका में एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी, वारिस पठान, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया, गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, आप नेता मनीष सिसोदिया और अमानतुल्लाह खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र और दिल्ली सरकार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। याचिका में देश विरोधी ताकतों की जांच और पहचान करने और सीएए विरोधी प्रदर्शन के पीछे की फंडिंग के संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है। न्यायालय ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, चुनाव आयोग की मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति (एमसीएमसी) और रिटर्निंग अधिकारी को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। मामले को सुनवाई के लिए 19 मई को सूचीबद्ध किया गया है।

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तर पूर्व दिल्ली में हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के वास्ते अवैध गतिविधियां (रोकथाम) कानून (यूएपीए) के तहत जांच के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र और दिल्ली सरकार से शुक्रवार को जवाब मांगा। मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने याचिका पर दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय को नोटिस जारी किए। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 30 अप्रैल की तारीख तय की।