देश के न्यायिक ढांचे में शनिवार को बड़ा बदलाव हुआ। केंद्र सरकार ने देश के आठ हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीशों (Chief Justices) की नियुक्ति को अधिसूचित कर दिया है। केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इन नियुक्तियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत के राष्ट्रपति ने संविधान में मिले अधिकारों के तहत, भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद इन नियुक्तियों को मंजूरी दी है। नई नियुक्तियों के बाद पटना से लेकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख तक कई हाई कोर्ट की शीर्ष जिम्मेदारी नए न्यायाधीशों के हाथ में होगी।
आठ हाई कोर्ट में बदली कमान
केंद्र की ओर से जारी नियुक्तियों के मुताबिक जस्टिस वल्लुरी कामेश्वर राव, जो दिल्ली हाई कोर्ट में न्यायाधीश हैं, अब पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे। वहीं बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस रविंद्र वी. घुगे को कलकत्ता हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाई कोर्ट की कमान सौंपी गई है। इसी तरह इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी अब बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।
इन नियुक्तियों में जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा का नाम भी शामिल है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के जज जस्टिस मिश्रा को इसी हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।
इन जजों को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी
उड़ीसा हाई कोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम महापात्र को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। दूसरी ओर, गुजरात हाई कोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे।
आठवीं नियुक्ति के तहत राजस्थान हाई कोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।
इस तरह एक साथ आठ हाई कोर्ट में न्यायिक नेतृत्व की जिम्मेदारी बदली है। अलग-अलग हाई कोर्ट में इन न्यायाधीशों की नई भूमिका संबंधित अदालतों के प्रशासन और न्यायिक कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।
आम लोगों के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?
हाई कोर्ट सीधे तौर पर आम नागरिकों की जिंदगी से जुड़े कई मामलों की सुनवाई करते हैं। जमीन-जायदाद के विवाद हों, सरकारी फैसलों को चुनौती देने वाले मामले हों, संवैधानिक अधिकारों से जुड़े सवाल हों या दूसरे कानूनी विवाद—इन अदालतों का फैसला लोगों पर सीधा असर डाल सकता है।
मुख्य न्यायाधीश किसी हाई कोर्ट के न्यायिक और प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति केवल पदों में बदलाव नहीं है, बल्कि संबंधित हाई कोर्ट के नेतृत्व में भी परिवर्तन है।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नियुक्तियां अधिसूचित
कानून एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के मुताबिक इन नियुक्तियों को राष्ट्रपति ने संविधान के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए मंजूरी दी है। नियुक्तियों की प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श भी किया गया।
अब ये आठ न्यायाधीश अपने-अपने हाई कोर्ट की शीर्ष जिम्मेदारी संभालेंगे। इस बदलाव के साथ पटना, कलकत्ता, राजस्थान, बॉम्बे, पंजाब एवं हरियाणा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाई कोर्ट को नए मुख्य न्यायाधीश मिलेंगे। न्यायपालिका के स्तर पर यह एक साथ हुई महत्वपूर्ण नियुक्तियों में से एक है, जिसका असर संबंधित हाई कोर्ट के नेतृत्व और प्रशासनिक कामकाज पर दिखाई देगा।


