बिहार के सीमांचल में बीजेपी की पदयात्रा के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। पूर्णिया में आयोजित जनसभा में उन्होंने राम मंदिर, बाबरी मस्जिद, वोट चोरी और मतदाता सूची जैसे मुद्दों को उठाते हुए कांग्रेस की राजनीति पर सवाल खड़े किए। सरमा ने यहां तक कहा कि अगर देश में कांग्रेस की सरकार होती तो पूरे देश में बाबरी मस्जिद बन गई होती। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वह भारत में चुनाव नहीं जीत सकते, इसलिए उन्हें पैराशूट से बांग्लादेश भेज देना चाहिए। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को भी उन्होंने चुनौती दी कि अगर उन्हें लगता है कि चुनाव में वोट चोरी हुई है तो उन्हें अपनी संसद सदस्यता छोड़ देनी चाहिए। हिमंत के इन बयानों ने बिहार की स्थानीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी नई बहस छेड़ दी है।
राम मंदिर और बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
4 नवंबर को पूर्णिया में बीजेपी की प्रमंडल स्तरीय पदयात्रा आयोजित की गई थी। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ निकाली गई इस पदयात्रा में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा शामिल हुए।
अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर देश में कांग्रेस की सरकार होती तो पूरे देश में बाबरी मस्जिद बन गई होती। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस ने अपने लंबे शासनकाल में राम मंदिर निर्माण का रास्ता क्यों नहीं निकाला?
सरमा ने राहुल गांधी की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश में अपना ‘पप्पू मॉडल’ लागू करना चाहते हैं, जबकि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मॉडल ही चलेगा।
उनके इन बयानों को कांग्रेस और राहुल गांधी के नेतृत्व पर सीधे हमले के तौर पर देखा जा रहा है। राम मंदिर और बाबरी मस्जिद का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक मंच से चुनावी बहस के केंद्र में आ गया है।
‘वोट चोरी नहीं, बीजेपी ने जनता का दिल जीता है’
चुनावों में वोट चोरी के आरोपों को लेकर भी हिमंत बिस्वा सरमा ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं, जबकि बीजेपी ने जनता का भरोसा जीतकर चुनावों में समर्थन हासिल किया है।
सरमा ने दावा किया कि बीजेपी की जीत का आधार जनता का विश्वास है। उन्होंने अपने भाषण में सनातन का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक सनातन रहेगा, बीजेपी भी रहेगी।
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष को सच में लगता है कि चुनाव में वोट चोरी हुई है, तो पप्पू यादव को अपनी लोकसभा सदस्यता छोड़ देनी चाहिए।
यह चुनौती इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि बयान पूर्णिया में ही दिया गया, जहां से पप्पू यादव सांसद हैं। सरमा ने स्थानीय सांसद को सीधे निशाने पर लेकर सीमांचल की राजनीति में भी इस मुद्दे को चर्चा का विषय बना दिया।
राहुल गांधी को बांग्लादेश भेजने की बात, उम्र पर भी कसा तंज
हिमंत बिस्वा सरमा के भाषण का सबसे चर्चित हिस्सा राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी रही। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिहार और असम की जनता का भरोसा नहीं जीत सकते। उनके मुताबिक, राहुल गांधी भारत में चुनाव नहीं जीत पाएंगे, इसलिए उन्हें पैराशूट से बांग्लादेश भेज देना चाहिए, जहां जाकर वह चुनाव जीत सकते हैं।
सरमा ने राहुल गांधी के पहनावे और खुद को युवा बताने के अंदाज पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जींस और टी-शर्ट पहनकर राहुल गांधी खुद को युवा दिखाने की कोशिश करते हैं, जबकि तीन साल बाद वह सीनियर सिटीजन की श्रेणी में आ जाएंगे और उन्हें पेंशन मिलने लगेगी।
इसके अलावा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी उन्होंने बयान दिया। सरमा ने कहा कि वोटर लिस्ट से बाबर और औरंगजेब के नाम हटाए जाएंगे। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्ष मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोप लगा रहा है। दूसरी तरफ बीजेपी पुनरीक्षण प्रक्रिया को जरूरी बता रही है।
पूर्णिया से कटिहार तक जुटे कार्यकर्ता, पदयात्रा के जरिए बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन
बीजेपी की यह पदयात्रा पूर्णिया शहर के जिला स्कूल मैदान से शुरू हुई। इसके बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का काफिला जेल चौक और आस्था मंदिर होते हुए शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र आरएन साह चौक तक पहुंचा।
कार्यक्रम में हिमंत बिस्वा सरमा के साथ बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल समेत कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता पहुंचे। हाथों में झंडे और बैनर लेकर कार्यकर्ताओं ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे लगाए।
सीमांचल के ये चारों जिले बिहार की राजनीति में अहम स्थान रखते हैं। ऐसे में बीजेपी की ओर से यहां प्रमंडल स्तर पर बड़ा आयोजन करना संगठनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस कार्यक्रम में स्थानीय मुद्दों के साथ राष्ट्रीय राजनीति भी प्रमुखता से दिखाई दी। हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला किया, तो पप्पू यादव को भी चुनौती दी। अब देखना होगा कि कांग्रेस और पूर्णिया के सांसद इन बयानों पर क्या जवाब देते हैं। फिलहाल, बीजेपी की इस पदयात्रा से सीमांचल में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
