दिल्ली में सोमवार को विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) समेत 23 दलों के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ विपक्षी एकजुटता को मजबूत करना और आने वाले चुनावों के लिए साझा रणनीति तैयार करना रहा। राजधानी के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई इस बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और उद्धव ठाकरे जैसे प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। हालांकि बैठक से पहले कुछ राजनीतिक पोस्टरों ने भी चर्चा का विषय बनकर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया।
एक मंच पर दिखे विपक्ष के बड़े चेहरे
INDIA गठबंधन की इस बैठक को विपक्षी राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है। कांग्रेस की ओर से कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शामिल हुए।
वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पहुंचे। समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधित्व अखिलेश यादव ने किया, जबकि राष्ट्रीय जनता दल की तरफ से तेजस्वी यादव मौजूद रहे। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे भी बैठक में शामिल हुए।
इसके अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती सहित कई विपक्षी नेता बैठक का हिस्सा बने।
2029 की तैयारी और राज्यों के चुनावों पर फोकस
बैठक का केंद्र बिंदु आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। राजनीतिक तौर पर यह बैठक ऐसे समय हुई है जब विभिन्न राज्यों में चुनावी गतिविधियां तेज हो रही हैं और विपक्ष भाजपा के खिलाफ साझा रणनीति बनाने की कोशिश में है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में राष्ट्रीय मुद्दों पर संयुक्त रुख अपनाने, संसद और सड़कों पर विपक्षी सहयोग बढ़ाने तथा चुनावी तालमेल को लेकर भी चर्चा की गई। आम मतदाता के लिए यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि विपक्षी एकजुटता का सीधा असर आने वाले चुनावी मुकाबलों और राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।
शरद पवार ने जताई DMK की गैरमौजूदगी पर चिंता
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SCP) के वरिष्ठ नेता शरद पवार बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हुए, लेकिन उनकी ओर से सुप्रिया सुले ने प्रतिनिधित्व किया। बैठक को लेकर शरद पवार ने कहा कि देश में कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल भाजपा के खिलाफ एक मंच पर आने का प्रयास कर रहे हैं और इस दिशा में संवाद जारी रहना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से DMK के बैठक में शामिल नहीं होने पर चिंता जताई। पवार ने कहा कि गठबंधन की मजबूती के लिए सभी सहयोगी दलों को साथ लेकर चलना आवश्यक है।
बैठक से पहले पोस्टरों ने बढ़ाया राजनीतिक तापमान
बैठक शुरू होने से पहले दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में ऐसे पोस्टर लगाए गए, जिनमें राहुल गांधी और कांग्रेस को निशाना बनाया गया था। इन पोस्टरों में विभिन्न विपक्षी नेताओं के पुराने बयानों का उल्लेख किया गया था।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पहले ही जानकारी दी थी कि INDIA गठबंधन के 23 दल इस बैठक में हिस्सा लेंगे। हालांकि कुछ दल अपने कारणों से शामिल नहीं हो सके। इनमें द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख रूप से शामिल रहे।
AAP पहले ही सार्वजनिक रूप से गठबंधन से दूरी बना चुकी है, जबकि DMK ने भी इस बैठक में हिस्सा नहीं लिया। जून 2024 के बाद यह INDIA गठबंधन की पहली बड़ी आधिकारिक बैठक मानी जा रही है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर टिकी है कि विपक्षी दल आगे किस तरह की साझा रणनीति तैयार करते हैं और भाजपा के खिलाफ अपने अभियान को किस दिशा में ले जाते हैं।




