भारत ने अवैध घुसपैठ पर सख्ती बढ़ाई, बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजने की बड़ी कार्रवाई शुरू

भारत ने अवैध घुसपैठ पर सख्ती बढ़ाई, बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजने की बड़ी कार्रवाई शुरू

केंद्र सरकार ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर अपना रवैया और सख्त कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को दिल्ली में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान साफ कहा कि भारत में रह रहे सभी अवैध नागरिकों के साथ कानून के मुताबिक सख्ती से निपटा जाएगा। बांग्लादेश के मामले में भारत ने 2,680 से ज्यादा मामलों में नागरिकता सत्यापन के लिए आधिकारिक अनुरोध भेजे हैं। एक बार पुष्टि हो जाने के बाद इन लोगों को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।

यह फैसला उन लाखों भारतीयों के लिए राहत की खबर है जो सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और रोजगार को लेकर चिंतित रहते हैं। अवैध घुसपैठ न सिर्फ सुरक्षा को चुनौती देती है, बल्कि स्थानीय संसाधनों पर भी दबाव बढ़ाती है।

बांग्लादेश के साथ सत्यापन प्रक्रिया और उम्मीद

रणधीर जायसवाल ने बताया कि कई मामले पांच साल या उससे अधिक समय से लंबित हैं। भारत को उम्मीद है कि बांग्लादेश जल्द ही इन मामलों पर जवाब देगा। द्विपक्षीय व्यवस्था के तहत सत्यापन पूरा होने के बाद इन घुसपैठियों को निर्वासित किया जा सकेगा।

सरकार का जोर इस बात पर है कि पूरी प्रक्रिया कानूनी ढांचे के अंदर ही चले। इससे पहले भी भारत बांग्लादेश के साथ इस मुद्दे पर बातचीत करता रहा है, लेकिन अब कार्रवाई तेज करने का संकेत साफ है।

पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों के खिलाफ तेज कार्रवाई

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने और शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व के बाद घुसपैठियों के खिलाफ अभियान तेज हो गया है। शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि घुसपैठियों को सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दिया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनकी इस पहल की सराहना की है।

सरकार का संदेश साफ है — जो घुसपैठिए स्वेच्छा से वापस लौट जाते हैं, उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। लेकिन जो रुकेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे सीमावर्ती राज्यों के निवासियों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।

आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग की अपील

विदेश मंत्रालय ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग पर भी जोर दिया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि बॉर्डर पार आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए खतरा है। ऐसे देशों को पहचानकर सजा मिलनी चाहिए जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं या समर्थन करते हैं।

यह बयान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के हालिया मॉस्को दौरे के संदर्भ में आया है, जहां उन्होंने दोहरे मापदंडों के खिलाफ सख्ती से बात की थी। डोभाल ने जिम्मेदार देशों से आतंकवादी समूहों और उनके स्पॉन्सरों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की अपील की थी।

इसके अलावा, जायसवाल ने फारसी खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों की सुरक्षा पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 11 भारतीय जहाज अभी भी उस क्षेत्र में हैं, जबकि 14 जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट पार करके भारत पहुंच चुके हैं।

कुल मिलाकर, केंद्र सरकार सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और वैश्विक चुनौतियों के मोर्चे पर सतर्क रुख अपनाए हुए है। आम नागरिकों के लिए यह विकास सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता की उम्मीद जगाता है।