भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने मैच को एकतरफा बना दिया। रायपुर में रविवार, 18 अक्टूबर को खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले जिम्बाब्वे को 102 रन पर रोक दिया और फिर सिर्फ 53 गेंदों में लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम इंडिया ने 9 विकेट से जीत दर्ज की और महिला टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा गेंद शेष रहते मैच जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस जीत की दो बड़ी नायिकाएं रहीं निकी प्रसाद और शेफाली वर्मा। निकी ने गेंदबाजी में शुरुआती दो गेंदों पर दो विकेट लेकर इतिहास रचा, जबकि शेफाली ने विस्फोटक अर्धशतक लगाकर भारतीय टीम की जीत बेहद आसान कर दी। पिछले मुकाबले में शुरुआती झटकों से जूझने वाली भारतीय टीम ने इस बार शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा।
निकी प्रसाद ने पहली बार गेंदबाजी में दिखाया दम, शुरुआती दो गेंदों पर दो विकेट
भारत की जीत की नींव गेंदबाजों ने रखी। जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजी के सामने खुलकर बल्लेबाजी नहीं कर सकी और निर्धारित पारी में 102 रन ही बना पाई। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा, जिससे जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी बिखरी हुई नजर आई।
इस मुकाबले में निकी प्रसाद ने खास उपलब्धि हासिल की। पिछले मैच में अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर का आगाज करने वाली निकी ने इस बार पहली बार गेंदबाजी की। उन्होंने अपने स्पेल की शुरुआती दो गेंदों पर लगातार दो विकेट हासिल किए।
इस प्रदर्शन के साथ निकी ऐसा करने वाली पहली भारतीय क्रिकेटर बनीं। उनका यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा, क्योंकि उन्होंने बल्लेबाजी के बजाय गेंदबाजी में अपनी उपयोगिता साबित की। जिम्बाब्वे की टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोकने में भारतीय गेंदबाजों की अहम भूमिका रही।
शेफाली वर्मा का तूफान, 24 गेंदों में जड़ दिया अर्धशतक
103 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने इस बार पिछले मैच जैसी गलती नहीं दोहराई। पिछले मुकाबले में जिम्बाब्वे ने भारत के शीर्ष चार बल्लेबाजों को महज 19 रन के स्कोर पर आउट करके दबाव बना दिया था। लेकिन दूसरे टी20 में शेफाली वर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया।
शेफाली ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया। उन्होंने छक्का लगाकर सिर्फ 24 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ अच्छे शॉट चयन की झलक भी देखने को मिली।
शेफाली ने कप्तान स्मृति मंधाना के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया। शेफाली ने 55 रन की पारी खेलकर टीम की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई।
स्मृति मंधाना ने भी निभाया साथ, 8.5 ओवर में भारत की जीत
शेफाली के आक्रामक खेल के बाद कप्तान स्मृति मंधाना ने भी रन बनाने की रफ्तार बनाए रखी। मंधाना 47 रन बनाकर नाबाद रहीं। उन्होंने शेफाली के साथ मिलकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और फिर लक्ष्य पूरा करने में अहम योगदान दिया।
भारतीय टीम ने 8.5 ओवर में एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। यानी 20 ओवर के मुकाबले में भारत ने 67 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की। मैच में भारत की बल्लेबाजी इतनी प्रभावशाली रही कि जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को वापसी का कोई मौका नहीं मिला।
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने सीरीज में लगातार दूसरी जीत दर्ज की। टीम के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी अहम है, क्योंकि पहले मुकाबले में शुरुआती झटकों के बाद बल्लेबाजी को लेकर सवाल उठे थे। दूसरे मैच में बल्लेबाजों ने उन चिंताओं को काफी हद तक दूर किया।
वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड टूटा, महिला टी20 में भारत ने रचा इतिहास
जिम्बाब्वे के खिलाफ इस जीत ने भारतीय टीम को सिर्फ सीरीज में बढ़त ही नहीं दिलाई, बल्कि रिकॉर्ड बुक में भी जगह दिलाई। भारत ने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा गेंद शेष रहते जीत दर्ज करने का नया रिकॉर्ड बनाया।
इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज की महिला टीम के नाम था। उसने इसी साल जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबला 65 गेंद शेष रहते जीता था। भारत ने 67 गेंद बाकी रहते लक्ष्य हासिल करके उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
इस मुकाबले से भारतीय टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों विभागों में सकारात्मक संकेत मिले हैं। निकी प्रसाद का गेंद से प्रभावशाली प्रदर्शन और शेफाली-मंधाना की साझेदारी टीम के लिए बड़ी उपलब्धियां रहीं। अब भारतीय टीम की कोशिश इस लय को अगले मुकाबलों में भी बनाए रखने की होगी।



