आईपीएल 2026 के बीच एक बार फिर इम्पैक्ट प्लेयर नियम चर्चा के केंद्र में आ गया है। यह नियम 2023 में खेल को और रोमांचक बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया था, लेकिन अब इसके प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने संकेत दिया है कि इस नियम की समीक्षा टूर्नामेंट खत्म होने के बाद की जाएगी। यानी फिलहाल जारी सीजन में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन भविष्य में नियमों में बदलाव की संभावना जरूर बनी हुई है।
क्या है इम्पैक्ट प्लेयर नियम, और क्यों हो रही आलोचना
इम्पैक्ट प्लेयर नियम के तहत किसी भी टीम को मैच के दौरान एक अतिरिक्त खिलाड़ी को शामिल करने की छूट मिलती है। इससे टीमें परिस्थितियों के हिसाब से बल्लेबाजी या गेंदबाजी को मजबूत कर सकती हैं। लेकिन इस लचीलापन ने खेल के पारंपरिक संतुलन को प्रभावित किया है। अब बड़े स्कोर आम हो गए हैं और 250+ रन बनाना या चेज करना असामान्य नहीं रहा। आलोचकों का कहना है कि इस नियम के चलते गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है और ऑलराउंडर खिलाड़ियों की भूमिका कमजोर हुई है। टीमें अब विशेषज्ञ बल्लेबाज या गेंदबाज को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे खेल की मूल संरचना बदलती दिख रही है।
BCCI का रुख: अभी नहीं, लेकिन बाद में फैसला
BCCI के सचिव देवजित सैकिया ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया है कि पिछले दो सालों से इस नियम पर चर्चा जारी है। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट के बीच कोई बदलाव संभव नहीं है, लेकिन IPL 2026 खत्म होने के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि फिलहाल मैचों में विविधता देखने को मिल रही है। कुछ मुकाबले कम स्कोर वाले हैं, तो कुछ में 260 तक के लक्ष्य का पीछा किया जा रहा है। उनके मुताबिक, दर्शकों को पूरा पैकेज मिल रहा है, जिसमें हर तरह का क्रिकेट शामिल है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर टीमों की तरफ से इस नियम में बदलाव को लेकर औपचारिक मांग आती है, तो बोर्ड इस पर विचार कर सकता है।
कोहली-रोहित भी जता चुके हैं आपत्ति
इस नियम पर सवाल सिर्फ विशेषज्ञों तक सीमित नहीं हैं। भारत के दो बड़े क्रिकेटर—रोहित शर्मा और विराट कोहली—भी पहले इस पर चिंता जता चुके हैं। रोहित शर्मा ने कहा था कि क्रिकेट 11 खिलाड़ियों का खेल है और इसमें 12वें खिलाड़ी की भूमिका संतुलन बिगाड़ सकती है। वहीं विराट कोहली ने भी इस बात से सहमति जताते हुए कहा था कि मनोरंजन जरूरी है, लेकिन खेल का संतुलन उससे भी ज्यादा अहम है। उनके मुताबिक, मौजूदा फॉर्मेट में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ता नजर आ रहा है, जो लंबे समय में खेल की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।
आगे क्या, दर्शकों और खिलाड़ियों की नजर BCCI पर
अब सबकी नजर इस बात पर है कि BCCI समीक्षा के बाद क्या फैसला लेता है। क्या यह नियम जारी रहेगा, बदलेगा या पूरी तरह खत्म किया जाएगा—यह आने वाले समय में तय होगा। आम दर्शकों के लिए यह बहस इसलिए अहम है, क्योंकि इससे मैच का स्वरूप तय होता है। ज्यादा रन और तेज मुकाबले मनोरंजन बढ़ाते हैं, लेकिन खेल का संतुलन भी उतना ही जरूरी है। कुल मिलाकर, IPL 2026 के बाद यह मुद्दा एक बड़े फैसले की ओर बढ़ सकता है, जो भविष्य के टी20 क्रिकेट को दिशा देगा।


