चंडीगढ़ में सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की मौत के मामले में अब महापंचायत ने अपना फैसला सुनाया है. महापंचायत ने हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर को 48 घंटे के अंदर पद से हटाने का अल्टीमेटम दिया है. अगर ऐसा नहीं हुआ तो चंडीगढ़ और हरियाणा के सभी वाल्मीकि समाज के लोग जो कि सफाई कर्मचारी हैं, वह काम छोड़ देंगे. महापंचायत के इस फैसले का मेमोरेंडम चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से गवर्नर गुलाबचंद कटारिया को सौंपा जाएगा. इस फैसले के बाद महापंचायत समाप्त की गई.
7 अक्टूबर को 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी वाय पूरन कुमार ने अपने चंडीगढ़ स्थित आवास पर खुद को गोली मार ली थी. इस खुदकुशी से पूरे राज्य में पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. एक आईपीएस अधिकारी की मौत के बाद कई तरह के सवाल उठाए जा रहे थे. पुलिस को उनके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ जिसमें उन्होंने हरियाणा पुलिस के डीजीपी समेत कई अधिकारियों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है. इस मामले में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की है.



