ईरान सरकार एक ऐसे फैसले की ओर बढ़ रही है, जिससे देश के आम नागरिकों का दुनिया से डिजिटल संपर्क लगभग पूरी तरह टूट सकता है. डिजिटल अधिकारों पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार वैश्विक इंटरनेट को आम लोगों का हक नहीं, बल्कि एक सरकारी सुविधा बनाने की तैयारी में है. अगर यह योजना लागू होती है, तो ज्यादातर ईरानी नागरिक सिर्फ सरकार के बनाए हुए राष्ट्रीय इंटरनेट का ही इस्तेमाल कर पाएंगे.
इंटरनेट सेंसरशिप पर नजर रखने वाली संस्था फिल्टरवॉच के मुताबिक, यह योजना गुप्त रूप से लेकिन लंबे समय के लिए बनाई जा रही है. इसके मुताबिक आगे चलकर सिर्फ वही लोग वैश्विक इंटरनेट चला सकेंगे, जिन्हें सरकार की तरफ से सुरक्षा मंजूरी मिलेगी या जो सरकारी जांच में पास होंगे. सरकारी संकेतों से यह भी साफ है कि 2026 के बाद खुले इंटरनेट की वापसी की कोई उम्मीद नहीं है.



