ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग को 13 दिन हो गए हैं, लेकिन इसके रुकने के आसार नहीं दिख रहे हैं. पूरे मध्य पूर्व में ईरान के हमले जारी हैं और स्ट्रेट ऑफ हर्मोज के बंद होने के बाद तेल कीमतें आसमान छू रहीं. जिससे इस जंग का असर पूरी दुनिया पर पड़ने लगा है. अब पाकिस्तान-रूस ईरान को मनाने में लग गए हैं.
जंग रोकने के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान पाकिस्तान-रूस के सामने तीन शर्तें रखी हैं. राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने बुधवार को ऐलान किया कि ये तीन शर्ते ही अमेरिका और इजराइल के साथ संघर्ष को खत्म करने का एकमात्र रास्ता है.
- तेहरान के वैध अधिकारों को मान्यता देना
- हर्जाने का भुगतान
- भविष्य के किसी भी हमले के खिलाफ जरूरी अंतरराष्ट्रीय गारंटी
इसके अलावा उन्होंने क्षेत्रीय शांति के प्रति ईरान की प्रतिबद्धता को दोहराया.
कैसे रुकेगी जंग?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका और इजराइल के साथ चल रही जंग को खत्म करने के लिए तेहरान की शर्तें बताईं. उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी समाधान में उनके देश के बुनियादी अधिकारों को मान्यता मिलनी चाहिए और भविष्य में होने वाले हमलों के खिलाफ पक्की गारंटी दी जानी चाहिए. सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर पोस्ट किए गए एक बयान में पेजेशकियान ने इस जंग को जायोनी शासन और अमेरिका द्वारा भड़काया गया युद्ध बताया है.
पेजेशकियान ने लिखा, “इस युद्ध को खत्म करने का एकमात्र तरीका- जिसे जायोनी शासन और अमेरिका ने भड़काया है, ईरान के वैध अधिकारों को मान्यता देना, हर्जाना देना और भविष्य में होने वाली आक्रामकता के खिलाफ मजबूत अंतर्राष्ट्रीय गारंटी हासिल करना है.” उन्होंने बताया कि उन्होंने रूस और पाकिस्तान के नेताओं के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान यह बात रखी थी. यह कदम बढ़ती दुश्मनी के बीच क्षेत्रीय साझेदारों तक पहुंच बनाने के तेहरान के कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा था.
अब जंग रोकने की कवायद शुरू?
पेजेशकियन की इस पोस्ट से संकेत मिले है कि ईरान से अच्छे संबंध वाले देश, जंग रुकवाने के लिए डिप्लोमेटिक रास्तों की तलाश कर रहे हैं. पेजेशकियान ने साफ किया गया कि उनके देश पर ये युद्ध अमेरिका-इजराइल पर थोपा गया है. पाकिस्तान-रूस ने जंग रोकने की कोशिश ऐसे समय पर शुरू की जब ट्रंप ने ऐलान किया है कि हम जंग जीत गए हैं, हालांकि पर्शियन गल्फ में ईरान के हमले और तेज हो गए हैं.



