संसद की कैंटीन में 52 साल का बदलेगा इतिहास, उत्तर रेलवे से छिनी खाना बनाने की जिम्मेदारी

नईदिल्ली। संसद ( Parliament ) में पिछले 52 साल से चल रही कैंटीन में एक बहुत बड़ा बदलाव हुआ है। दरअसल, इस कैंटीन को अभी तक उत्तर रेलवे की तरफ से चलाया जा रहा था, लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी ITDC को सौंप दी गई है। जानकारी के मुताबिक, 15 नवंबर से संसद परिसर की कैंटीन में खाना बनाने की जिम्मेदारी आईटीडीसी की होगी। इसी के साथ संसद सदस्यों और देश के इस सर्वोच्च प्रतिष्ठान के प्रांगण में आने वालों को भोजन परोसने की उसकी 52 साल पुरानी विरासत का भी अंत हो जाएगा।

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लोकसभा सचिवालय से जारी हुई पत्र

आपको बता दें कि उत्तर रेलवे साल 1968 से संसद की कैंटीन में खाना परोस रहा था। इस बाबत उत्तर रेलवे को लोकसभा सचिवालय की तरफ से एक पत्र लिखा गया है और इस पत्र में उत्तर रेलवे को 15 नवंबर तक कैंटीन की जिम्मेदारी भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) के हवाले कर देने का आदेश दिया गया है।

पर्यटन विभाग की ही विंग है ITDC

आपको बता दें कि आईटीडीसी केंद्र सरकार का ही पर्यटन विभाग है, जो लग्जरी फाइव स्टार अशोका होटल का संचालक है। लोकसभा सचिवालय के पत्र में उत्तर रेलवे को पार्लियामेंट हाउस एस्टेट से हटने के साथ ही लोकसभा सचिवालय की तरफ से दिए गए कंप्यूटर, प्रिंटर आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सीपीडब्ल्यूडी की तरफ से दिए गए फर्नीचर व अन्य उपकरण भी आईटीडीसी के हवाले करने के लिए कहा गया है।

जुलाई से ही चल रही थी नए वेंडर की तलाश

आपको बता दें कि संसद कैंटीन के लिए नए वेंडर की तलाश जुलाई से ही चल रही थी। उस समय लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने इस मुद्दे पर पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल और आईटीडीसी के अधिकारियों के साथ मुलाकात की थी।