‘चंबल’ वाले बयान पर सियासी संग्राम, मंत्री जयवीर सिंह बोले- अखिलेश ने खुद बता दी सपा की सोच

‘चंबल’ वाले बयान पर सियासी संग्राम, मंत्री जयवीर सिंह बोले- अखिलेश ने खुद बता दी सपा की सोच

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के साथ राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया ‘चंबल’ वाले बयान को लेकर अब योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह ने तीखा पलटवार किया है। झांसी दौरे पर पहुंचे मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव ने अपने बयान के जरिए अनजाने में समाजवादी पार्टी की कार्यशैली और राजनीतिक सोच को उजागर कर दिया है।

जयवीर सिंह ने सपा के शासनकाल पर निशाना साधते हुए दावा किया कि प्रदेश की जनता आज भी उस दौर को भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है, जिसकी वजह से जनता लगातार भाजपा पर भरोसा जता रही है।

‘चंबल’ बयान पर सियासी वार

झांसी में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव का बयान केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं है, बल्कि वह सपा की पुरानी राजनीति की झलक भी दिखाता है। उन्होंने कहा कि सपा का इतिहास ऐसी घटनाओं से जुड़ा रहा है, जहां चुनावी प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।

मंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में प्रदेश में अराजकता और आपराधिक घटनाओं का माहौल था, जबकि वर्तमान सरकार ने कानून के राज को मजबूत किया है।

मैनपुरी चुनाव का किया जिक्र

अपने बयान में जयवीर सिंह ने मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र के एक पुराने चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर के दौर में मैनपुरी में चुनाव प्रक्रिया को लेकर ऐसी स्थिति बनी थी कि निर्वाचन आयोग को चुनाव रद्द कराकर दोबारा मतदान कराना पड़ा था।

उन्होंने दावा किया कि उस समय चुनावी धांधली और दबंगई की शिकायतें सामने आई थीं। हालांकि उन्होंने किसी नए तथ्य का उल्लेख नहीं किया, लेकिन इसे सपा शासनकाल की राजनीतिक संस्कृति से जोड़ते हुए आलोचना की।

2027 में फिर भाजपा की वापसी का दावा

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता 2012 से 2017 के बीच की परिस्थितियों को भूली नहीं है। उनके मुताबिक 2017 और 2022 में मतदाताओं ने सपा को सत्ता से दूर रखा और 2027 में भी भाजपा को समर्थन मिलने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास, बुनियादी ढांचे और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर भाजपा सरकार का रिकॉर्ड जनता के सामने है। इसी आधार पर पार्टी आगामी चुनाव में भी मजबूती से मैदान में उतरेगी।

बिहार से यूपी तक राजनीतिक तुलना

जयवीर सिंह ने अपने बयान में बिहार की राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में जनता ने अतीत के शासन और वर्तमान विकास मॉडल के बीच तुलना करके फैसला लिया है। इसी तरह उत्तर प्रदेश के लोग भी पुराने और वर्तमान शासन के अनुभवों को ध्यान में रखकर निर्णय लेते हैं।

उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्यों में चल रही योजनाओं को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। उनके अनुसार यही वजह है कि भाजपा लगातार कई राज्यों में मजबूत स्थिति बनाए हुए है।

चुनावी माहौल में तेज हुई बयानबाजी

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी करीब एक साल दूर हैं, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो चुका है। एक तरफ विपक्ष सरकार के कामकाज और नीतियों पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर भाजपा विपक्षी दलों के पुराने शासनकाल को मुद्दा बना रही है।

ऐसे में आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीति में इस तरह की बयानबाजी और अधिक तेज होने की संभावना है, क्योंकि सभी दल 2027 के चुनावी रण के लिए अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।