Jeffrey Epstein Files: नाम सामने आने के बाद भी क्यों नहीं होगी कार्रवाई? US Justice Dept ने बताया कारण

Jeffrey Epstein Files: नाम सामने आने के बाद भी क्यों नहीं होगी कार्रवाई? US Justice Dept ने बताया कारण

दुनियावी इतिहास की सबसे घिनौनी फाइल जेफरी एपस्टीन फाइल्स की और जानकारी अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने जारी कर दी है. जिसके बाद दुनिया के मशहूर और अमीर लोगों के गंदे कारनामे पूरी दुनिया के सामने है. फाइल के बाद से लोग इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, साथ ही कई लोगों को यह जानने की उत्सुकता है कि फाइल में नाम सामने आने के बाद आगे क्या होगा.

जस्टिस डिपार्टमेंट के टॉप अधिकारी टॉड ब्लैंच ने कहा कि नए जारी किए गए जेफरी एपस्टीन डॉक्यूमेंट्स से किसी नए व्यक्ति पर आरोप लगने की संभावना कम है. उन्होंने बताया कि भले ही फाइलों में ‘भयानक तस्वीरें’ और परेशान करने वाले ईमेल हैं, लेकिन सिर्फ़ यही लोगों पर मुकदमा चलाने के लिए काफ़ी सबूत नहीं हैं.

फाइलों ने क्यों मचाया दुनिया में तहलका?

जस्टिस डिपार्टमेंट ने एपस्टीन केस में इकट्ठा किए गए लाखों पेज के डॉक्यूमेंट्स, वीडियो और तस्वीरें जारी की हैं. ये फाइलें दुनिया भर के कई मशहूर और ताकतवर लोगों, जैसे राजनेताओं, अरबपतियों और मशहूर हस्तियों के साथ एपस्टीन के कनेक्शन को दिखाती हैं.

इन कनेक्शन में अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटेन प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर, अरबपति टेस्ला संस्थापक एलन मस्क, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और पूर्व इजराइली पीएम एहुद बराक जैसे दर्जनों नाम हैं.

क्यों नहीं हो सकता एक्शन?

ब्लैंच ने कहा कि जांचकर्ताओं ने सब कुछ रिव्यू किया लेकिन नए आपराधिक मामले शुरू करने के लिए पर्याप्त ठोस सबूत नहीं मिले. उन्होंने बताया कि FBI को मशहूर लोगों के बारे में कई टिप्स मिले, लेकिन ज्यादातर जल्दी ही अविश्वसनीय पाए गए. उन्होंने बताया कि केस चलाने के लिए असल सबूत का होना जरूरी है, न कि सिर्फ़ यह कि लोग वहां मौजूद थे.

अब आगे क्या होगा?

जस्टिस डिपार्टमेंट का कहना है कि डॉक्यूमेंट्स का उनका बड़ा रिव्यू पूरा हो गया है. हालांकि जज की मंज़ूरी से कुछ और डॉक्यूमेंट्स जारी किए जा सकते हैं, लेकिन ज़्यादा लोगों पर आरोप लगाने की जांच असल में खत्म हो गई है. कुछ राजनेताओं का तर्क है कि डिपार्टमेंट ने सभी फाइलों को जारी करने के लिए पूरी तरह से कानून का पालन नहीं किया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि वे गलतियों को ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं. जैसे गलती से पीड़ितों के नाम बिना एडिट किए (दिखाई देने वाले) छोड़ देना.