उत्तर प्रदेश के कन्नौज में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर सामने आए गोल्ड स्मगलिंग मामले ने अब राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। करीब 10.026 किलोग्राम 24 कैरेट सोने की बरामदगी के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया कि बरामदगी को लेकर पुलिस का आधिकारिक आंकड़ा और सामने आ रही जानकारी में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
हालांकि, पुलिस ने अपनी कार्रवाई में 10.026 किलोग्राम सोना जब्त करने की पुष्टि की है, जबकि अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि कार से 1-1 किलो के 26 सोने के बिस्कुट मिले थे, लेकिन पुलिस ने केवल 10 किलो की बरामदगी दिखाई। यह दावा फिलहाल पुलिस के आधिकारिक बयान से मेल नहीं खाता और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एक सड़क हादसे से कैसे खुला पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, यह मामला शनिवार को तालग्राम थाना क्षेत्र में सामने आया। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि तालग्राम पुलिस की टीम वाहन चेकिंग और कांवड़ ड्यूटी से लौट रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक कार पुलिस वाहन से टकरा गई है।
टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां दो संदिग्ध लोग मिले। उनकी पहचान महाराजगंज निवासी संदीप जायसवाल (29) और नेपाल के नागरिक सरोज पंत (33) के रूप में हुई।
कार की तलाशी के दौरान एक बैग बरामद हुआ, जिसमें पीले रंग की धातु के 10 बिस्कुट मिले। पुलिस ने दोनों से सोने से जुड़े बिल, दस्तावेज या वैध लाइसेंस मांगे, लेकिन वे कोई भी प्रमाण पेश नहीं कर सके।
24 कैरेट सोना निकला, कीमत 15 करोड़ से ज्यादा
बरामद धातु की जांच के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के गोल्ड वैल्यूएटर को बुलाया गया। जांच में यह 24 कैरेट सोना निकला। पुलिस के अनुसार इसका कुल वजन 10.026 किलोग्राम था और बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 15.39 करोड़ रुपये आंकी गई।
मामले की गंभीरता और बड़ी कीमत को देखते हुए पुलिस ने जीएसटी अधिकारियों को भी सूचना दी। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई गई कि मामला अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी से जुड़ा हो सकता है, क्योंकि गिरफ्तार लोगों में एक नेपाली नागरिक भी शामिल है। इसके बाद कस्टम्स विभाग से विस्तृत जांच कराने की सिफारिश की गई।
अखिलेश यादव के आरोपों से तेज हुई राजनीतिक बहस
सोने की बरामदगी के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, “दस दिखाया, सोलह गटकाया, भाजपा की पुलिस की माया।”
उन्होंने दावा किया कि सूत्रों के मुताबिक कार से कुल 26 सोने के बिस्कुट बरामद हुए थे, लेकिन पुलिस ने केवल 10 किलो की बरामदगी दर्ज की। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि कहीं सरकारी रिकॉर्ड में बरामद सोने को अलग तरीके से दर्ज करने की कोशिश न हो।
इसके साथ ही उन्होंने नेपाल से गोरखपुर होते हुए दिल्ली तक कथित तस्करी के रास्ते को लेकर भी सवाल उठाए।
फिलहाल, पुलिस अपने आधिकारिक बयान पर कायम है और जांच एजेंसियां मामले की विभिन्न पहलुओं से पड़ताल कर रही हैं। दूसरी ओर, विपक्ष के आरोपों के बाद यह मामला अब कानून-व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी केंद्र बन गया है।


